नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में 20 अप्रैल को सुनवाई
नई दिल्ली, 09 मार्च (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर सुनवाई
दिल्ली उच्च न्यायालय


नई दिल्ली, 09 मार्च (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर सुनवाई टाल दिया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को करने का आदेश दिया।

ईडी ने ट्रायल कोर्ट के 16 दिसंबर, 2025 के आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए 22 दिसंबर को सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत दूसरे आरोपितों को नोटिस जारी किया था। दरअसल, 16 दिसंबर 2025 को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि किसी की निजी शिकायत को आधार बनाकर ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता है। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि जिन लोगों ने कांग्रेस को दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गयी। ईडी ने कहा कि जिन लोगों ने दान दिया उनमें से कुछ को टिकट दिए गए। एएसजी एसवी राजू ने गांधी परिवार की उस दलील का विरोध किया था कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी।

इस मामले में राहुल गांधी के वकील आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी, बल्कि वो इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी। चीमा ने कहा था कि ईडी एजेएल का मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों नहीं दिखा रही है। एजेएल की स्थापना जवाहर लाल नेहरू, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने 1937 में की थी। चीमा ने कहा था कि एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में कहा गया है कि उसकी सभी नीतियां कांग्रेस की होंगी।

सोनिया गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया। उन्होंने कहा था कि ईडी ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है। ये मनी लांड्रिंग का ऐसा मामला है जिसमें संपत्ति का कोई जिक्र नहीं है। यंग इंडियन ने पूरी कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को कर्ज मुक्त करने के लिए किया। उन्होंने कहा था कि हर कंपनी अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है। सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरु की।

ईडी ने 15 अप्रैल, 2025 को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल किया था। ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सैम पित्रोदा को आरोपित बनाया है। ईडी ने मनी लांड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल की थी।

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी