हमारे यहाँ राजदंड से बड़ा धर्मदंड माना गया है — मुकेश दिसवाल
मंदसौर, 02 मार्च (हि.स.)। होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि पुरानी कटु स्मृतियों को भुलाकर नए स्नेह और सौहार्द की शुरूआत करने का उत्सव है। यह अहंकार और शोक को दूर कर समाज को एक सूत्र में पिरोने का पर्व है। हमारी जड़ें सनातन संस्कृति में हैं और हम
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