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पूर्वी सिंहभूम, 17 मार्च (हि.स.)। जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत बोरागाड़िया पंचायत के पानीपड़ा नागुडसाई स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर अवैध बालू उत्खनन के दौरान एक भारी-भरकम और संदिग्ध लोहे की वस्तु मिलने से पूरे इलाके में कौतूहल का माहौल बन गया है। इस अजीबोगरीब वस्तु को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच रहे हैं और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को कुछ ग्रामीण नदी घाट पर बालू की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जमीन के अंदर किसी कठोर धातु से टकराने का अहसास हुआ। पहले तो उन्होंने इसे सामान्य पत्थर या लोहे का टुकड़ा समझा, लेकिन जब आसपास की मिट्टी हटाई गई तो एक विशालकाय सिलिंडरनुमा लोहे की वस्तु दिखाई दी। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर सावधानीपूर्वक खुदाई की और पूरी वस्तु को बाहर निकाला, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए।
इस वस्तु के आकार और बनावट को देखकर ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि यह कोई साधारण धातु नहीं, बल्कि संभवतः द्वितीय विश्व युद्ध के समय का बम हो सकता है। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बहरागोड़ा क्षेत्र का इतिहास पुराने हवाई अड्डों से जुड़ा रहा है, जहां युद्धकाल के दौरान गतिविधियां होती थीं। ऐसे में इस तरह की वस्तु का मिलना कई सवाल खड़े करता है।
घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि संभावित खतरे को देखते हुए लोगों ने समझदारी दिखाते हुए उस वस्तु को छेड़ने के बजाय वहीं छोड़ दिया है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दे दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही कोई विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची थी।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है। लोग प्रशासन से जल्द से जल्द जांच कराने और इस रहस्यमयी वस्तु की सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक