Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

हमीरपुर, 14 मार्च (हि.स.)। न्याय की रफ्तार को नई ऊंचाई देते हुए जिला हमीरपुर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक मिसाल कायम की। जिले के तीनों न्यायिक परिसरों हमीरपुर, नादौन और बड़सर में लगे इस इंसाफ के मेले में 3234 मामलों का त्वरित निपटारा कर सुलह समझौते के आधार पर इतिहास रच दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश अवस्थी की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत ने न केवल लंबित मामलों को कम किया, बल्कि आम जनता की झोली में खुशियाँ और बचत भी भरी।
प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि इस बार लोक अदालत के लिए रिकॉर्ड 8810 वाद सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 3234 मामलों को निपटाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस दौरान 86.50 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे हकदारों तक पहुंचाई गई और सरकारी खजाने में जमा करवाई गई। विवाद पूर्व यानी प्री-लिटिगेशन के 914 मामलों में से 90 का आपसी समझौते से निपटारा कर 10.03 लाख रुपये दिलाए गए, वहीं विवाद बाद यानी पोस्ट-लिटिगेशन के 574 मामलों में से 341 को सुलझाकर 66.28 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई। मोटर वाहन अधिनियम के तहत आए 7322 चालानों पर सुनवाई करते हुए 2803 मामलों को रफा-दफा किया गया, जिससे 10.18 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया जा सका।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने बताया कि लोक अदालत आम आदमी के लिए वरदान से कम नहीं है और लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए यह एक बहुत ही अच्छा माध्यम है, जिससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने लोगों से ऐसे आयोजनों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा