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कैथल, 12 मार्च (हि.स.)।
उपायुक्त अपराजिता ने प्यौदा रोड स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
डीसी अपराजिता गुरुवार सुबह जलघर पहुंचीं, जहां उन्होंने सबसे पहले स्टोरेज टैंक का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पानी को शुद्ध करने की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा। जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार गिल और कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने उन्हें जलशोधन की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने मैप के माध्यम से पूरे शहर में पानी की सप्लाई की व्यवस्था को भी समझा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के किसी भी हिस्से में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए जहां भी जरूरत हो वहां पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाए और लीकेज को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि पानी की बर्बादी भी न हो और लोगों को पर्याप्त पानी मिल सके।
डीसी अपराजिता ने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और पानी में किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए नियमित रूप से पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आम नागरिकों से भी जल संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि पानी हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह पानी को व्यर्थ न बहाए और नल को खुला न छोड़े। यदि हम सभी मिलकर पानी का संरक्षण करेंगे तो आने वाले समय में पानी की कमी से बचा जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान डीसी ने जलघर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
यह है जन स्वास्थ्य विभाग की इन्फ्रा
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर में दो वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। इनमें से एक प्यौदा रोड पर स्थित है जिसकी क्षमता 20 एमएलडी है, जबकि दूसरा मानस रोड पर स्थित है जिसकी क्षमता 13 एमएलडी है। शहर में 16 बूस्टर और 40 पंपों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि पेयजल आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए शहर में लगभग 90 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा, जिस पर करीब पांच करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा जिले में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए दो प्रयोगशालाएं भी स्थापित हैं, जिनमें एक कैथल और दूसरी चीका में स्थित है। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता कृष्ण कुमार गिल, कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर, एसडीओ गोपाल वैध, जेई राहुल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे