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तुरा (मेघालय), 12 मार्च (हि.स.)। मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले में अधिकारियों ने गुरुवार सुबह तीन घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी। यह ढील गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा के बाद कर्फ्यू लगाया गया था, स्थिति में सुधार के चलते कर्फ्यू में ढील दी गई।
सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लगाए गए कर्फ्यू में, निवासियों को ज़रूरी चीज़ें खरीदने की अनुमति देने के लिए सुबह 8 बजे से 11 बजे तक ढील दी गई।
उपायुक्त आरपी मराक ने कहा कि यह अस्थायी ढील लोगों को जरूरत की चीज़ें खरीदने में सक्षम बनाने के लिए दी गई थी, जबकि सुरक्षा बल संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
आने वाले जीएचएडीसी चुनावों से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान पश्चिमी गारो हिल्स के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी, जिसमें प्रदर्शनकारी चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने में गैर-गारो समुदायों की भागीदारी का विरोध कर रहे थे।
बुधवार को ये झड़पें जानलेवा हो गईं, जब दक्षिण गारो हिल्स ज़िले के चिबिनांग इलाके में हिंसक झड़पों के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने गोलीबारी की, जिसमें दो लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
इस अशांति के कारण गारो हिल्स क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी हुईं, जिसके चलते अधिकारियों को व्यवस्था बहाल करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े, जिनमें सेना की पांच टुकड़ियां शामिल थीं, तीन तूरा शहर में और दो चिबिनांग में।
बढ़ते तनाव के बीच, मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने घोषणा की कि 10 अप्रैल को होने वाले जीएचएडीसी चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने अफवाहों को फैलने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के एहतियाती उपाय के तौर पर गारो हिल्स क्षेत्र के पांच ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी हैं।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय