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सीवर सफाई में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर रोक के लिए नगर निगम गुरुग्राम की बड़ी पहल
स्वीकृत मैकेनाइज्ड उपकरणों के बिना सीवर में प्रवेश पर होगी सख्त कार्रवाई
निगम में रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी व इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट का गठन
गुरुग्राम, 12 मार्च (हि.स.)। सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई में मैनुअल स्कैवेंजिंग को पूरी तरह समाप्त करने तथा सफाई कार्य को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम ने रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी (आरएसए) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ईआरएसयू) का गठन किया है।
इस संबंध में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में अस्वच्छ शौचालयों के निर्माण और रखरखाव को रोकना, सीवर व सेप्टिक टैंकों की सफाई में मानव श्रम के जोखिम को समाप्त करना तथा मशीनों के माध्यम से सुरक्षित सफाई व्यवस्था को लागू करना है। इस व्यवस्था से न केवल सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर में आधुनिक और व्यवस्थित सीवर प्रबंधन प्रणाली भी विकसित होगी। सीवर सफाई व्यवस्था की निगरानी और प्रबंधन के लिए गठित रिस्पॉन्सिबल सैनिटेशन अथॉरिटी में चीफ इंजीनियर को चेयरपर्सन बनाया गया है, जबकि कार्यकारी अभियंता (मुख्यालय) सदस्य सचिव होंगे। इनके अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शामिल किया गया है। आरएसए का मुख्य कार्य शहर में सीवर सफाई के लिए आधुनिक मशीनों की व्यवस्था करना, सीवर में प्रवेश से संबंधित नियमों की निगरानी करना तथा निजी स्वच्छता सेवा संगठनों को पंजीकृत और नियंत्रित करना होगा। नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अब बिना सीवर एंट्री परमिट के किसी भी व्यक्ति का सीवर या सेप्टिक टैंक में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई संस्था, ठेकेदार या व्यक्ति किसी कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरणों और अनुमति के सीवर में उतारता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह कदम सफाई कर्मचारियों को खतरनाक परिस्थितियों से बचाने और मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट करेगी त्वरित कार्रवाई
सीवर से संबंधित आपात स्थितियों जैसे ब्लॉकेज, ओवरफ्लो या दुर्घटना से निपटने के लिए गठित इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट सीवर के लिए फायर ब्रिगेड की तरह काम करेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी। इसमें संबंधित डिविजन के कार्यकारी अभियंता नोडल अधिकारी हैं तथा सहायक अभियंता सहायक नोडल अधिकारी हैं। इसके अतिरिक्त 10-12 प्रशिक्षित सीवर एंट्री प्रोफेशनल्स की क्विक रिस्पांस टीम होगी, जिन्हें पीपीई किट और सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा। एक कंट्रोल रूम भी होगा, जिसमें हेल्पलाइन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखने के लिए स्टाफ तैनात रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर