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भोपाल, 12 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह ट्रेन दुर्घटना की मॉक ड्रिल की गई। ड्रिल के दौरान ऐसा दृश्य तैयार किया गया मानो वास्तविक रेल हादसा हो गया हो। कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़े हुए दिखाए गए और कई यात्री अंदर फंसे हुए थे।
सुबह करीब 11 बजे रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई कि स्टेशन के पास एक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और कई यात्री घायल हैं। सूचना मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। कुछ ही मिनटों में रेलवे की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को भी तत्काल बुलाया गया।
गैस कटर से काटे दरवाजे और छत
ड्रिल में दिखाया गया कि दुर्घटना के बाद कई यात्री बोगियों में फंस गए हैं। रेस्क्यू टीम ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर, दरवाजों और छत को गैस कटर से काटकर अंदर फंसे यात्रियों तक पहुंच बनाई। सीढ़ियों और विशेष उपकरणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
एयरबैग से निकाले नीचे फंसे यात्री
कुछ यात्री बोगियों के नीचे फंसे दिखाए गए। ऐसे यात्रियों को एयरबैग तकनीक की मदद से कोच को थोड़ा ऊपर उठाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद रेलवे मेडिकल टीम ने मौके पर ही घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
अधिकारियों ने परखी आपदा से निपटने की तैयारी
इस मॉक ड्रिल के दौरान भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने राहत-बचाव टीमों की तैयारियों का जायजा लिया और आपात स्थिति में तेजी से समन्वय और बचाव कार्य करने की क्षमता का आकलन किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्य को और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि किसी वास्तविक हादसे के समय यात्रियों की जान बचाने में देरी न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे