किसान काे मिले तीन भालू के बच्चें, सुरक्षित रिहाई में जुटा वन विभाग
कार्बी आंगलोंग (असम), 12 मार्च (हि.स.)। वन्यजीव बचाव प्रयास के अंतर्गत असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के लामरान क्षेत्र से तीन भालू के बच्चों को जंगल में अकेले घूमते पाए जाने के बाद बचाया गया। वन अधिकारियों ने गुरुवार काे बताया है कि एक स्थानी
असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के लामरान क्षेत्र से बचाए गये भालू के तीन बच्चे


कार्बी आंगलोंग (असम), 12 मार्च (हि.स.)। वन्यजीव बचाव प्रयास के अंतर्गत असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के लामरान क्षेत्र से तीन भालू के बच्चों को जंगल में अकेले घूमते पाए जाने के बाद बचाया गया।

वन अधिकारियों ने गुरुवार काे बताया है कि एक स्थानीय किसान अपने झूम की खेत की ओर जाते समय तीन अनाथ भालू के बच्चे को ढूंढा। यह महसूस करते हुए कि बच्चे कमजोर हैं, उसने उन्हें सुरक्षित रूप से बचाया और वन अधिकारियों को सौंप दिया।

बच्चे वर्तमान में केरौनी वन विभाग, जिसे दक्षिणी वन क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है, की देखभाल में हैं, जहां अधिकारी उन्हें चिकित्सा देखभाल और उचित भोजन प्रदान कर रहे हैं।

एक वन विभाग अधिकारी के अनुसार टीमें क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं ताकि मां भालू की गतिविधियों को ट्रेस किया जा सके, जो शायद बच्चों से अलग हो गई हो। अधिकारियों की योजना है कि स्थिति का आकलन करने और परिस्थितियों को सुरक्षित मानने के बाद बच्चों को वापस वन में छोड़ा जाएगा।

वन अधिकारियों ने कहा कि इस बचाव से असम के वन्यजीवों से समृद्ध क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों में बढ़ती जागरूकता और जानवरों की रक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने में सहयोग के महत्व को उजागर किया है। निवासियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि यदि वे किसी संकटग्रस्त या अनाथ वन्यजीव से मिलते हैं तो समय पर संरक्षण कार्य सुनिश्चित करने के लिए तुरंत वन अधिकारियों को सूचित करें।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय