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मेड्रिड, 11 मार्च (हि.स.)। स्पेन ने इजराइल में अपने राजदूत को औपचारिक रूप से वापस बुला लिया है। इस कदम को स्पेन की सरकार ने पिछले दिन ही मंजूरी दी थी। राजनयिक तनाव पिछले साल सितंबर से बढ़ रहा था, जब स्पेन ने राजदूत को अस्थायी तौर पर परामर्श के लिए बुलाया था।
सरकार के निर्णय के बाद अब तेल अवीव स्थित स्पेनिश दूतावास का कामकाज ‘चार्ज डी अफेयर्स’ के माध्यम से चलाया जाएगा। यह स्थिति दोनों देशों के बीच संबंधों को अब तक के सबसे निचले स्तर पर ले गई है।
दरअसल, स्पेन ने ईरान में अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों की आलोचना की थी। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस कार्रवाई को “अनुचित” बताया था। यहीं नहीं, पीएम सांचेज ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों को भी ‘नरसंहार’ करार देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की थी।
इनके अलावा, स्पेन ने इजराइल को हथियार और ईंधन पहुंचाने वाले जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे पहले, मई 2024 में स्पेन द्वारा फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध और खराब हुए।
स्पेन द्वारा राजदूत को स्थायी रूप से वापस बुलाने का यह पहला मौका नहीं है। सितंबर 2025 में भी तनाव के दौरान राजदूत को परामर्श के लिए बुलाया गया था। वर्तमान में इजराइल का राजदूत भी मई 2024 से मैड्रिड में नहीं है, जो स्पष्ट करता है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बेहद कमजोर हो गए हैं।
इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल और यूरोपीय देशों के बीच संबंधों पर असर पड़ सकता है और मध्य पूर्व में राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों में और तनाव आने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय