एसआईआर के लिए 8,505 ग्रुप ‘बी’ अधिकारी उपलब्ध कराएगी पश्चिम बंगाल सरकार
कोलकाता, 08 फरवरी (हि.स.)। विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन–एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत निर्वाचन आयोग को सूचित किया है कि वह राज्य के 8,505 ग्रुप ‘बी’ अधिकारियों को एसआईआर प्
मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल


कोलकाता, 08 फरवरी (हि.स.)।

विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन–एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई से पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत निर्वाचन आयोग को सूचित किया है कि वह राज्य के 8,505 ग्रुप ‘बी’ अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया के लिए उपलब्ध कराने को तैयार है।

सोमवार (09 फरवरी 2026) को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ एसआईआर से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी। इनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका भी शामिल है।

पिछली सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि माइक्रो ऑब्जर्वर केवल पश्चिम बंगाल में ही नियुक्त किए गए हैं। इस पर निर्वाचन आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने अदालत को बताया था कि राज्य सरकार ने एसआईआर के लिए पर्याप्त ग्रुप ‘बी’ अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए थे, जिसके कारण माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति करनी पड़ी। आयोग के अनुसार, उस समय केवल 80 ग्रुप ‘बी’ अधिकारी, जैसे उप-मंडल मजिस्ट्रेट, एसआईआर की निगरानी के लिए दिए गए थे।

दिसंबर 2025 में प्रकाशित राज्य की मसौदा मतदाता सूची से करीब 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। ये हटाव मृत्यु, स्थायी पता परिवर्तन या मतदाता का पता न चलने जैसी श्रेणियों में किए गए। इसके अलावा, ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी में लगभग 1.36 करोड़ मतदाताओं को चिन्हित किया गया, जिन्हें सत्यापन सुनवाई के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस भेजे गए।

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर चिंता जताते हुए निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि मामूली त्रुटियों, जैसे नाम की वर्तनी में अंतर, के आधार पर नोटिस जारी करते समय संवेदनशीलता बरती जाए। शीर्ष अदालत ने 19 जनवरी को आयोग को यह भी निर्देश दिया कि ‘तार्किक विसंगति’ श्रेणी में रखे गए मतदाताओं का सत्यापन पारदर्शी तरीके से किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी या तनाव न हो।

चुनाव-पूर्व राज्य में नवंबर 2025 से शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को निर्वाचन आयोग से एसआईआर के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। वर्तमान योजना के अनुसार, एसआईआर का आधारभूत कार्य 14 फरवरी तक पूरा किया जाना है। यदि विस्तार की सिफारिश मंजूर होती है, तो अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी तक प्रकाशित की जा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर