केंद्र सरकार की श्रम नीति और बैंकिंग सेक्टर में सुधारों के खिलाफ इंडियन बैंक कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
मीरजापुर, 09 फ़रवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय आह्वान पर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल के समर्थन में सोमवार को इंडियन बैंक, डंकिनगंज शाखा के कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के श्रम संशोधन कानून और बैंकिंग नीति
बैंकिंग नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।


मीरजापुर, 09 फ़रवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियंस के राष्ट्रीय आह्वान पर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी औद्योगिक हड़ताल के समर्थन में सोमवार को इंडियन बैंक, डंकिनगंज शाखा के कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के श्रम संशोधन कानून और बैंकिंग नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप बैज धारण किए और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित श्रम संशोधन नीति के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। बैंक कर्मचारियों का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा क्षेत्र को 100 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना देश की आम जनता के साथ धोखा है। इसके अलावा, 29 श्रम कानूनों को बदलकर 4 श्रम संहिता नीति लागू करना मजदूर, किसान, व्यापारी और कर्मचारियों के हित में नहीं है। कर्मचारियों ने इस नीति को काले कानून के समान बताया।

इसके साथ ही कर्मचारियों ने अन्य मुद्दों को भी उठाया। जिला मंत्री सुरेश पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बैंकिंग सेक्टर में 5 दिवसीय बैंकिंग लागू न करना, स्टाफ की भारी कमी के बावजूद भर्तियों पर रोक लगाना और बैंकिंग कार्य को निजी क्षेत्र में बदलने से बैंक कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है। इसके साथ ही सेवा निवृत्त कर्मियों का पेंशन अपग्रेड न किया जाना भी कर्मचारियों के बीच भारी आक्रोश का कारण बना है। इस विरोध प्रदर्शन में देश के 7 बैंकिंग संगठनों के सदस्य शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा