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नई दिल्ली, 09 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के विद्यार्थी अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं और उनमें अपने सपनों को साकार करने की पूरी क्षमता मौजूद है। केंद्र सरकार कि पहल 'परीक्षा पे चर्चा' का उद्देश्य छात्रों को यह मार्गदर्शन देना है कि वे अपनी प्रतिभा और कौशल का किस प्रकार सार्थक उपयोग कर व्यक्तिगत विकास और सफलता हासिल कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर 'परीक्षा पे चर्चा' के अवसर पर संस्कृत में सुभाषित साझा कर विद्यार्थियों की असीम संभावनाओं और उनके भीतर निहित गुणों के बारे में बताया। उन्होंने सुभाषित में लिखा, विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥
इस सुभाषित का अर्थ है कि जिस व्यक्ति में ज्ञान, तर्क, विज्ञान, स्मरण शक्ति, तत्परता और कर्मशीलता जैसे छह गुण होते हैं, उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं होता और वह हर चुनौती पर विजय पा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में अपने सपनों को साकार करने की पूरी क्षमता है और 'परीक्षा पे चर्चा' इसी उद्देश्य से एक सशक्त मंच प्रदान करता है, ताकि छात्र अपनी प्रतिभा और कौशल का सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी