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डिण्डौरी, 09 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में अल्प वर्षा के कारण ग्रीष्म ऋतु के दौरान संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण डिण्डौरी जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।
इस संबंध में कलेक्टर ने सोमवार को आदेश जारी किया है। यह आदेश 10 फरवरी 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश के तहत जिले के समस्त सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी का उपयोग केवल पेयजल एवं दैनिक घरेलू आवश्यकताओं के लिए ही किया जा सकेगा। सिंचाई, निर्माण कार्यों एवं किसी भी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियों के लिए पानी का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही विद्युत अथवा डीजल से जल लिफ्ट करना भी वर्जित किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में निजी नलकूप एवं हैंडपंप खनन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, अत्यावश्यक परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा के आधार पर अनुमति दी जा सकेगी।
आदेश के पालन को सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि जिले के समस्त थाना प्रभारियों को सूचित कर प्रतिबंधित कार्यों में जल उपयोग करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें तथा निर्धारित अवधि में नियमों का पालन कर पेयजल संकट से निपटने में प्रशासन का साथ दें।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर