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बांदा, 09 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में मिशन शक्ति अभियान के तहत चिन्हित गंभीर अभियोगों में ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना, प्रभावी अभियोजन व सशक्त पैरवी का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2019 में थाना बबेरू क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 44 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला थाना बबेरू क्षेत्र के ग्राम रयान का है, जहां 18 मार्च 2019 को गांव निवासी सुकदेव पुत्र जीवनलाल एवं हीरालाल पुत्र मोतीलाल ने एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना को अंजाम दिया था। घटना के संबंध में पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना बबेरू में धारा 376(डी)/323/506 भादवि, 6 पॉक्सो एक्ट एवं 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बबेरू कुलदीप सिंह द्वारा की गई। विवेचना के दौरान साक्ष्यों का गहन संकलन करते हुए 11 फरवरी 2020 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। इसके उपरांत लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई।
साथ ही कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी गौरव दिवाकर, आरक्षी जितेन्द्र कुमार एवं पैरोकार आरक्षी चक्रधारी के सतत एवं अथक प्रयासों के फलस्वरूप न्यायालय बांदा ने दोनों अभियुक्तों सुकदेव पुत्र जीवनलाल एवं हीरालाल पुत्र मोतीलाल, निवासीगण ग्राम रयान, थाना बबेरू, जनपद बांदा को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 22-22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यह जानकारी लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह ने सोमवार को दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह