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कानपुर, 09 फरवरी (हि.स.)। पूर्व छात्र किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी धरोहर होते हैं। विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा उसके पूर्व छात्रों की उपलब्धियों से मापी जाती है। जितने अधिक सक्षम और संपन्न पूर्व छात्र होंगे, उतना ही विश्वविद्यालय मजबूत होगा। यह बातें सोमवार सीएसजेएमयू के कुलपति विनय कुमार पाठक ने कही।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का स्थापना दिवस समारोह विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत, वर्तमान प्रगति और भविष्य की आकांक्षाओं का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि एनटीए के चेयरमैन एवं विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. प्रदीप कुमार जोशी, कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक और प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी के वक्तव्यों ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त सम्मान उनके लिए घर में मिलने वाले सम्मान के समान है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि व्यक्ति को उसके पद से तो पूरा देश पहचानता है, लेकिन उसके पहले नाम से पहचान केवल उसका विद्यालय देता है। विश्वविद्यालय के आधुनिक भवन, प्रशासनिक परिसर, हेलिपैड और स्टेडियम जैसी संरचनाओं को देखकर उन्होंने गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की। डॉ. जोशी ने कहा कि यह प्रगति कुलपति, शिक्षकों और अधिकारियों की निष्ठा व समर्पण का परिणाम है और खुद को “कानपुर यूनिवर्सिटी का छात्र” कहना उनके लिए गर्व की अनुभूति है।
समारोह के दौरान 10 पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, लेखा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। सम्मानित पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय को अपने जीवन की मजबूत नींव बताया और वर्तमान छात्रों को निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
स्थापना दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कथक नृत्य, गीत-संगीत और अन्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। सुबह सुंदरकांड पाठ और हवन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। साथ ही बैंक ऑफ़ बड़ौदा द्वारा आयोजित “बड़ौदा अचीवर्स अवार्ड” के अंतर्गत मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जिससे छात्रों में उत्साह और प्रेरणा का संचार हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप