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--इविवि के पुरा छात्र एवं भारतीय डाक सेवा के अधिकारी कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में जन केंद्रित पहलों को मिली नई दिशा
प्रयागराज, 27 फरवरी (हि.स)। सिविल सेवाएं शासन की रीढ़ बनी रहती है, जो नीतियों को धरातल पर लागू करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। अपने समर्पण और प्रशासनिक नेतृत्व के माध्यम से अधिकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने, सेवा वितरण में सुधार लाने तथा जमीनी स्तर पर सार्थक परिवर्तन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी क्रम में ‘ब्यूरोक्रेट्स इंडिया’ द्वारा वर्ष 2025 के लिए अखिल भारतीय स्तर पर जारी “टॉप 25 चेंजमेकर्स” सूची में उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ व जौनपुर निवासी, नवोदय विद्यालय, आज़मगढ़ एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरा छात्र एवं भारतीय डाक सेवा के वर्ष 2001 बैच के अधिकारी कृष्ण कुमार यादव का नाम भी शामिल किया गया है। श्री यादव सितम्बर 2020 से जुलाई 2024 तक वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल रहे, वहीं सितम्बर 2023 से जुलाई 2024 तक प्रयागराज परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल का भी चार्ज रहा। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार और लोकसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस सूची में विदेश सचिव, विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित तमाम आईएएस, आईपीएस, आईएफएस व केंद्रीय सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इंडिया पोस्ट में दो दशकों से अधिक की सेवा के दौरान कृष्ण कुमार यादव ने तकनीक-आधारित एवं नागरिक-केंद्रित पहलों के माध्यम से अंतिम छोर तक सुशासन को आधुनिक रूप प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी सहित सूरत, अंडमान एवं निकोबार, जोधपुर और अहमदाबाद में सेवाएं देते हुए उन्होंने प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल सेवा वितरण को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ कृष्ण कुमार यादव एक प्रख्यात साहित्यकार, लेखक, कवि और ब्लॉगर भी हैं। सामाजिक एवं समकालीन विषयों पर उनका सक्रिय लेखन लोकसेवा को साहित्यिक अभिव्यक्ति और जनसंवाद से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
हाल ही में उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल रूप में कृष्ण कुमार यादव ने गुजरात के प्रथम जेन-ज़ी थीम आधारित डाकघर का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गांधीनगर में शुभारम्भ का नेतृत्व किया, जो केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत डाकघरों को युवा-केंद्रित और तकनीक-सक्षम केंद्रों में परिवर्तित किया जा रहा है।
समावेशी शासन को सुदृढ़ करने से लेकर सार्वजनिक सेवा वितरण में प्रौद्योगिकी के प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण उपयोग तक, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने नागरिकों के जीवन में सकारात्मक एवं स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में जन-केंद्रित पहलों को नई दिशा मिली है, जिससे सेवा वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं प्रभावी बनी है। उनकी प्रशासनिक कार्यशैली उत्कृष्टता, दृढ़ संकल्प तथा भारत की प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र