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गुवाहाटी, 15 फरवरी (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य आज यहां श्री श्री दामोदरदेव इंटरनेशनल ऑडिटोरियम में हुए वर्ष 2020 और 2021 के लिए 9वें असम स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स में शामिल हुए।
पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए, राज्यपाल ने इस समारोह को असम की कलात्मक चेतना, रचनात्मक भावना और जीवंत सांस्कृतिक पर्व का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध असम की भूमि ने हमेशा अपनी पहचान को भाषा, लोक कला और कहानी कहने की परंपराओं के माध्यम से बनाए रखा है और सिनेमा ने इन परंपराओं को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाकर उन्हें नए आयाम दिए हैं।
असमिया सिनेमा की शानदार यात्रा को याद करते हुए, राज्यपाल ने रूपकोंवर ज्योतिप्रसाद अगरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी ऐतिहासिक फिल्म जॉयमती ने असमिया सिनेमा की शुरुआत की। सीमित संसाधनों के बावजूद, इस फिल्म ने उद्योग के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया और बलिदान, इतिहास और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसी थीमों को दर्शाया।
उन्होंने भारत रत्न डॉ. भूपेन हज़ारिका को भी याद किया, जिनका संगीत मानवता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश लाता था और जिसने असमिया संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। राज्यपाल ने आगे दिवंगत जुबिन गर्ग के समकालीन असमिया संगीत और सिनेमा को सक्रिय करने और युवा पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में किए गए अतुलनीय योगदान को भी स्वीकार किया।
केंद्रीय सरकार की भूमिका को नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उजागर करते हुए, राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने रचनात्मक उद्योगों के लिए नए अवसर खोले हैं, जिससे असम सहित क्षेत्रीय सिनेमा को लाभ हुआ है।
सिनेमा को समाज का आईना बताते हुए, राज्यपाल ने कहा कि फिल्में विचारों को प्रेरित करती हैं, सामाजिक जागरूकता बढ़ाती हैं और सामाजिक न्याय, महिलाओं के सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों को संबोधित करके सकारात्मक बदलाव लाती हैं। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि सीमित संसाधनों के बावजूद, असमिया फिल्म उद्योग ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विशेष रूप से डिजिटल युग में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
राज्य सरकार की फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, राज्यपाल ने असम को पूर्वोत्तर का एक जीवंत फिल्म हब बनाने के दृष्टिकोण पर जोर दिया।
राज्यपाल ने सभी पुरस्कार विजेताओं को एक बार फिर बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि असमिया सिनेमा की सुनहरी यात्रा नई ऊर्जा और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ती रहेगी।
इस मौके पर सांस्कृतिक मामलों के मंत्री बिमल बोरा, सांसद बिजुली कलिता मेधी, अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. कल्याण चक्रवर्ती, असम राज्य फिल्म (वित्त एवं विकास) निगम लिमिटेड के अध्यक्ष सीमांत शेखर, उपाध्यक्ष डॉ. अलेख्या बरुवा; निदेशक, सांस्कृतिक मामलों का निदेशालय राहुल चंद्र दास सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय