युवाओं के लिए अरोमा उद्योग में स्टार्टअप के नए रास्ते : डॉ. भक्ति विजय शुक्ला
कानपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। जनपद में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से संबद्ध एफएफडीसी द्वारा युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से अरोमा एवं संबद्ध उद्योगों पर आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस पहल क
एफएफडीसी कानपुर के सहायक निदेशक डॉ. भक्ति विजय शुक्ला की फ़ाइल फोटो


कानपुर, 14 फरवरी (हि.स.)। जनपद में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से संबद्ध एफएफडीसी द्वारा युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से अरोमा एवं संबद्ध उद्योगों पर आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस पहल के तहत शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से चयनित विद्यार्थियों और नवोदित उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों और व्यवसायिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।

एफएफडीसी (सुगंध एवं सुरस विकास केन्द्र) कानपुर के सहायक निदेशक/प्रभारी डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने शनिवार को बताया कि अरोमा, परफ्यूमरी और कॉस्मेटिक उद्योग तेजी से विस्तार कर रहे हैं और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार व स्टार्टअप के नए अवसर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को छोटे-छोटे बैचों में संचालित किया जाएगा, ताकि प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग की समझ और बाजार से जुड़ी बारीक जानकारियां मिल सकें। प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में रोजगार या स्वयं का उद्यम शुरू करने में सहायता मिलेगी।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग भारत के लिए बड़ी संभावनाएं लेकर आई है। बेहतर सप्लाई चेन प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और ब्रांडिंग के जरिए छोटे उद्यमी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पारंपरिक नौकरी के साथ-साथ उद्यमिता को भी करियर विकल्प के रूप में अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप