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चंडीगढ़, 10 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा में तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त हो गई है। मंगलवार को प्रदेश की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा के साथ हुई बैठक के बाद तहसीलदारों ने हड़ताल समाप्त करके बुधवार से प्रदेश की तहसीलों में दोबारा काम शुरू करने का फैसला लिया है।
हरियाणा में चार मांगों को लेकर 5 फरवरी से तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चल रहे थे। जिसके कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। प्रदेश भर में हड़ताल लंबी खींचने के कारण मंगलवार तक करीब 12 हजार रजिस्ट्रियां अटक गई थी। सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए नौ फरवरी से रजिस्ट्री की जिम्मेदारी डीआरओ व एसडीएम को सौंपी थी। इसके बावजूद सोमवार को प्रदेश में केवल 28 रजिस्ट्री हो पाई थी। इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही थी।
रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आज वित्तायुक्त के साथ बैठक की। मुलाकात के बाद सामने आया है कि चार मांगों पर सहमति बनी है तथा प्रदेश सरकार उन पर काम करने के लिए 15 दिन का समय मांगा है। जिस पर तहसीदार-नायब तहसीलदारों ने इस सहमति जता दी है। तहसीलदारों की मांगों को लेकर सरकार द्वारा मंथन किया जाएगा। इस बीच तहसीलदार कामकाज को बाधित नहीं करेंगे। दो सप्ताह बाद दोबारा बैठक होगी।
बैठक में यह भी भरोसा दिया कि रेवेन्यू अधिकारियों की एक इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया जाएगा, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नीति से जुड़े मुद्दों का समाधान समय पर हो सके। सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने और आम जनता को हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए रेवेन्यू अधिकारियों ने बुधवार से अपने दायित्व संभालने का निर्णय लिया।
बैठक के दौरान वित्तायुक्त डॉ़ सुमिता मिश्रा ने रेवेन्यू अधिकारियों की भूमिका को प्रशासन की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि कई विभागों की कार्यप्रणाली सीधे तौर पर रेवेन्यू अधिकारियों पर निर्भर करती है। डॉ़ मिश्रा ने माना कि बढ़ता कार्यभार और जनता की अपेक्षाएं अधिकारियों पर दबाव बनाती हैं और कई बार गलत या भ्रामक धारणाएं उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों की सभी चिंताओं को कानून और स्थापित प्रक्रियाओं के तहत निष्पक्ष व सहानुभूतिपूर्वक देखा जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा