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नाहन, 10 फ़रवरी (हि.स.)। सिरमौर जिला का त्रिलोकपुर उत्तर भारत की प्रसिद्ध सिद्धपीठ माता बाला सुंदरी मंदिर के लिए जाना जाता है। यहां पर माता दुर्गा अपने बाल रूप में एक पिंडी में विराजमान हैं। अश्विन व शरद नवरात्रों में जहां यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों से पहुंचते हैं और वर्ष भर यहां श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है। मंदिर परिसर में स्वछता के मद्दे नजर अब माता बाला सुंदरी मंदिर में फीकी खीलों यानि मुरमुरे का प्रसाद प्रतिबंधित किया गया है जबकि श्रद्धालु मीठी खीलें, हलवा आदि प्रसाद चढ़ा सकते हैं।
एसडीएम नाहन व संयुक्त सचिव माता बाला सुंदरी ट्रस्ट राजीव सांख्यान ने बताया कि फीकी खीलें हल्की होने के कारण हवा से उड़कर इधर उधर फेल जाती हैं और प्रसाद लोगो के पाओं में भी लगता है और इससे परिसर की स्वछता भी प्रभावित होती है। इसी को देखते हुई अब मंदिर में यह प्रसाद नहीं चढ़ाया जायेगा। इसके इलावा मीठी खील, हलवा आदि चढ़ाये जा सकेंगे। इसके लिए दुकानदारों से भी चर्चा की गयी है की जबतक उनके पास इन फीकी खीलों का स्टॉक है तब तक बेच सकेंगे लेकिन उसके बाद यह सामग्री प्रतिबंधित हो जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर