Enter your Email Address to subscribe to our newsletters


रामगढ़, 03 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रामगढ़ जिला समाहरणालय के सभागार में शनिवार को पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीसी ऋतुराज की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जिले के 38 इलाजरत टीबी मरीजों के बीच पोषण पोटली वितरित की गई। इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना है।
मरीजों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए डीसी ऋतुराज ने कहा कि टीबी एक साध्य बीमारी है। मरीज समय पर नियमित रूप से दवा लें और इलाज बीच में न छोड़ें। उन्होंने कहा कि अधूरा इलाज बीमारी को गंभीर बना सकता है। उन्होंने टीबी संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढंकने, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने और दवा के साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की अपील की।
डीसी ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र के टीबी मरीजों को सामर्थ्य के अनुसार गोद लेने की अपील की, ताकि उन्हें निक्षय मित्र योजना के माध्यम से नियमित पोषण और नैतिक सहयोग मिल सके।
उन्होंने कहा कि रामगढ़ को टीबी मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है और निक्षय मित्र योजना के तहत मरीजों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ स्वराज, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश