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रायपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी मंगलवार से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में तकनीकी समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने विरोध शुरू किया है।
राजस्व पटवारी संघ के अनुसार, फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में लगातार तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं। पटवारियों का कहना है कि ऐप में इस्तेमाल हो रहा डिजिटल मैप करीब 3 साल पुराना है, जिसमें जमीन के नए विभाजन और तरमीम दर्ज नहीं हैं। इसके अलावा, खेतों में पानी भरे होने और लहलहाती फसल के बीच प्रत्येक खसरे के चारों कोनों पर जाकर लाइव फोटो खींचना भौगोलिक रूप से संभव नहीं है।
पटवारियों का कहना है कि ऐप की खामियां दूर किए बिना उन पर इसके जरिए काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया है। पटवारियों ने इस ऐप के जरिए फसल गिरदावरी का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है, जिससे तहसीलों और राजस्व विभाग का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है।
पटवारियों का आरोप है कि पीवी ऐप का इस्तेमाल नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ शासन-प्रशासन की ओर से निलंबन, तबादले और कारण बताओ नोटिस जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। संघ इस कार्रवाई का विरोध कर रहा है। पटवारियों की प्रमुख मांगों में पीवी ऐप की तकनीकी समस्याओं का समाधान, कथित दंडात्मक कार्रवाई पर रोक, वेतन विसंगति दूर करना और पदोन्नति का लाभ देना भी शामिल है। ।
पटवारियों की हड़ताल से राजस्व विभाग के रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए हैं । आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी हो रही है। इसके अलावा भूमि रिकॉर्ड, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे पर भी असर पड़ा है।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा