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मुंबई. 13 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने धर्मादाय अस्पतालों में जरूरतमंद मरीजों के लिए आरक्षित बेड की योजना में सुधार सुझाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद विधि व न्याय विभाग ने इस संबंध में मंगलवार को शासनादेश जारी किया।
इस 15 सदस्यीय कमेटी के विधि व न्याय विभाग के प्रधान सचिव अध्यक्ष होंगे। धर्मादाय आयुक्त, स्वास्थ्य, वित्त, आईटी व एआई विभाग, बीएमसी, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल, चार्टर्ड एकाउंटेंट, लता मंगेशकर मेडिकल फाउंडेशन और अस्पताल संगठन के प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया गया है। कमेटी को गठन के एक महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
योजना के तहत हर धर्मादाय अस्पताल को कुल कार्यरत बेड में से 10 प्रतिशत निर्धन मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए रखने होते हैं। अन्य 10 प्रतिशत बेड दुर्बल वर्ग के मरीजों को रियायती दर पर इलाज देने के लिए आरक्षित हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने लता मंगेशकर मेडिकल फाउंडेशन की याचिका की सुनवाई करते हुए कहा था कि जरूरत लगे तो सरकार वर्तमान चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुरूप योजना में सुधार कर सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार