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-विपक्ष काे कांग्रेस के शासन में परिवार वाद नहीं दिखाई दिया-प्रयागराज में जलशक्ति मंत्री ने की प्रेस वार्ता
प्रयागराज, 09 जनवरी (हि.स.)। विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी 'वीबी- जी राम जी' का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याण योजना के रूप में नहीं, बल्कि विकास से जुड़ी गारंटी के रूप में स्थापित करना है, ताकि यह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप हो। कांग्रेस और विपक्षी विरोध करने के साथ जनता में भ्रम फैला रहें हैं।
यह बात प्रयागराज स्थित शहीद चन्द्रशेखर आजाद सर्किट हाउस में मीडिया से वार्ता करते हुए शुक्रवार को प्रभारी मंत्री, प्रयागराज एवं जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखता है और मनरेगा की पुरानी कमजोरियों को दूर करने के लिए तकनीक आधारित पारदर्शिता, मजबूत जवाबदेही, और स्थायी संसाधनों व दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था करता है।
जल शक्ति मंत्री ने कहा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलने वाला निश्चित रोजगार 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। यानि 25 प्रतिशत की वृद्धि तथा खेतीहर कार्यों के लिए 60 दिन काम के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस तरह 185 दिनों की काम की गारंटी देता है। जो एक कानूनी रूप से तय मानक अधिकार बन गया है। अनुमन्य कार्यों की सूची में 260 से अधिक बिखरे हुए कार्यों को अब केवल चार मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है। जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना,, आजीविका सम्पत्ति और जलवायु संरक्षण । किसानों के हितों की सुरक्षा की गई है, जिसमें फसल बोने और कटाने के प्रमुख मौसमों यानि कुल 60 दिन के दौरान अन्य विकसित भारत जी राम जी के कार्यों को रोका गया है। इस तरह बेरोजगारी भत्ता अब एक स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार के रूप में तय किया गया है।
मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए एआई आधारित धोखाधड़ी की पहचान जीपीएस, मोबाइल ट्रैकिंग साप्ताहिक, सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, अनिवार्य दो बार, सालाना सामाजिक आडिट और लगातार निगरानी और सुधार सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय एवं राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियां गठित की गई है।
मनरेगा में किए जा रहे सुधार को लेकर सरकार कर रही है। लेकिन कांग्रेस पार्टी एवं विपक्षी जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं। कांग्रेस के शासन में परिवार वाद नहीं दिखाई दिया जब सभी योजनाएं, अस्पताल का नाम एक ही परिवार के सदस्यों के नाम रही हैं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, चन्द्रशेखर आजाद, सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री सहित देश की अन्य विभूतियों को किनारे किया गया। लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबका साथ सबका विकास की नीति को लगातार आगे बढ़ाने का का कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल