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मेरठ, 09 जनवरी,(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला सुनीता की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद तनाव बढ़ गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। शुक्रवार काे सपा विधायक अतुल प्रधान ने गांव में प्रवेश न करने देने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए हैं। विधायक समर्थकाें और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। वहीं, पीड़ित परिजन भी मृत महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजन अपह्रत बेटी की बरामदगी और आराेपिताें के घराें पर बुलडाेजर चलाने की मांग कर रहे हैं।
जनपद मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में महिला सुनीता की हत्या और बेटी के अपहरण के मामले में तनाव बना हुआ है। इसी बीच आज सरधना विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गांव जा रहे थे तो पुलिस ने कानून व्यवस्था की बात करते हुए उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया। विधायक अतुल प्रधान ने पुलिसिया कार्यवाही का विरोध करते हुए धरने पर बैठ गए। विधायक के समर्थक भी नाराज हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
विधायक अतुल प्रधान ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जब तक आरोपिताें की गिरफ्तारी और अपहृत नाबालिग की बरामदगी नहीं हो जाती तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। पीड़ित परिजनाें ने अब तक मृत महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिजन अपह्रत बेटी की बरामदगी और आराेपिताें के घराें पर बुलडाेजर चलाने की मांग कर रहे हैं।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
कपसाड़ गांंव में इस घटना से कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने गांव के सभी रास्ते सील कर दिए हैं। गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी डटे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं। नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी और अपह्रत बालिका की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह