सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पालकी यात्रा में रही ढोल-ताशों की गूंज, भक्तों में उत्साह
गांधीनगर, 09 जनवरी (हि.स.)। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत शुक्रवार को निकाली गई भव्य पालकी यात्रा (रवाड़ी) के दौरान संपूर्ण सोमनाथ नगरी भक्ति और उल्लास से गूंज उठी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में इस यात्रा में सह
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की पालकी यात्रा


गांधीनगर, 09 जनवरी (हि.स.)। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत शुक्रवार को निकाली गई भव्य पालकी यात्रा (रवाड़ी) के दौरान संपूर्ण सोमनाथ नगरी भक्ति और उल्लास से गूंज उठी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में इस यात्रा में सहभागिता की।

पालकी यात्रा के दौरान ढोल-ताशा वादकों की मनमोहक एवं ऊर्जावान प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। करीब 50 कुशल कलाकारों ने पारंपरिक ताल-लय के साथ ढोल और ताशों का वादन कर वातावरण को संगीतमय बना दिया। गगनभेदी नाद के साथ श्रद्धालु भी झूम उठे। उत्साह इतना प्रबल था कि वादन के दौरान तीन ढोल टूट गए।

ढोल-ताशों की गूंज के साथ पालकी यात्रा आगे बढ़ती रही, जिससे मार्ग के दोनों ओर खड़े दर्शकों में भी भारी जोश देखने को मिला। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को लोक उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया।

यात्रा के दौरान भक्तों ने जय शिवशंकर और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ सनातन संस्कृति की महिमा का गुणगान किया। ढोल-ताशों की ताल पर भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला।

इस प्रकार, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत निकाली गई पालकी यात्रा में ढोल-ताशा कलाकारों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम की भव्यता और सांस्कृतिक वैभव को और अधिक उजागर करते हुए उपस्थित सभी लोगों के लिए इस क्षण को अविस्मरणीय बना दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे