मनरेगा को कमजोर करना गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला : कुमारी सैलजा
फतेहाबाद : रतिया में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मिली सांसद कुमार सैलजा
फतेहाबाद। रतिया में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते कुमार सैलजा।


फतेहाबाद, 09 जनवरी (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला है। ‘विकसित भारत’ के दावों के बीच जमीनी सच्चाई यह है कि लोगों के हाथों से काम छीना जा रहा है और रोजगार की गारंटी को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। कुमारी सैलजा शुक्रवार को जिले के रतिया हलके में ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं से बात कर रही थी। सैलजा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय, जब देश के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे, तब मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू की गई थी। इस योजना ने ग्रामीण गरीबों को 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार की गारंटी दी और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोविड महामारी और आपदा के कठिन समय में भी मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार ने मनरेगा को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है। पहले जहां गांवों में काम मांगने पर रोजगार मिलता था, अब स्थिति यह है कि राज्य सरकारों को केंद्र के पास प्रस्ताव भेजने पड़ते हैं और उसके बाद भी काम मिलेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं रहती। भुगतान में देरी और बजट में कटौती से मजदूरों का भरोसा तोड़ा जा रहा है। सैलजा ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम को हटाने की सोच भी उसी मानसिकता को दर्शाती है, जबकि महात्मा गांधी का सपना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का था और मनरेगा उसी सोच का सशक्त माध्यम था। उन्होंने बताया कि मनरेगा को बचाने और केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने लाने के लिए कांग्रेस ने सभी प्रदेशों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों की इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी और मनरेगा को खत्म करने या कमजोर करने की किसी भी कोशिश को लोकतांत्रिक तरीके से रोका जाएगा। उनके साथ डीसीसी प्रेजिडेंट जयपाल सिंह लाली, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा, मंगतराम लालवास, सुरेंद्र वरतिया, महिला प्रधान परमजीत कौर, सुधीर गोदारा सहित अन्य नेता थे।

हिन्दुस्थान समाचार / अर्जुन जग्गा