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रांची, 09 जनवरी (हि.स.)।
उपायुक्त (डीसी) सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (वीएलई) के साथ बैठक की।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पिछले एक वर्ष में जिला प्रशासन की ओर से कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिनमें 10 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लंबित मामलों का बड़े पैमाने पर निष्पादन शामिल है।
मौके पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना वैध कारण किसी भी प्रखंड या अंचल कार्यालय की ओर से जाति, आवासीय, आय सहित अन्य प्रमाण पत्रों को न तो रिजेक्ट किया जाए और न ही तय समय से अधिक लंबित रखा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 9430328080 अबुआ साथी और अबुआ साथी डैशबोर्ड शुरू किया गया है।
प्रखंडवार और शहरी वार्डवार अबुआ व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
उपायुक्त ने बताया कि बैठक का उद्देश्य प्रज्ञा केंद्रों को तकनीकी रूप से उन्नत बनाकर आम जनता को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना था, क्योंकि प्रज्ञा केंद्र डिजिटल भारत की रीढ़ हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट, बायोमेट्रिक सिस्टम और 5जी रेडी तकनीक से जोड़ने के निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि आधार, पैन, प्रमाण पत्र, बिल भुगतान और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं को और सरल बनाया जाएगा। इससे ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
बैठक में वीएलई की समस्याएं भी सुनी गईं और संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar