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बीकानेर, 09 जनवरी (हि.स.)। बीकानेर में शुक्रवार से अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल की शुरुआत हो गई। राजस्थानी मांड गायिका अल्लाई जिलाई बाई की प्रसिद्ध धुन ‘केसरिया बालम पधारो म्हारे देश…’ के साथ उत्सव का शुभारंभ किया गया। इस दौरान बीकानेर की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।
उद्घाटन अवसर पर एक स्थानीय कलाकार ने 22 किलो वजनी और 2025 फीट लंबी पगड़ी धारण की। उल्लेखनीय है कि इसी पगड़ी को पिछले वर्ष ऊंट उत्सव में पवन व्यास ने मात्र 22 मिनट में बांधकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस बार इस ऐतिहासिक पगड़ी को प्रदर्शनी में रखा गया है। उत्सव के पहले दिन लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक चार किलोमीटर लंबी हेरिटेज वॉक निकाली गई। वाद्य यंत्रों की धुनों पर लोक कलाकार, पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागी और दाढ़ी-मूंछ प्रतियोगिता के प्रतिभागी आकर्षण का केंद्र रहे। हेरिटेज वॉक में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, विधायक जेठानंद व्यास और जिला कलेक्टर नम्रता वृषणि भी शामिल रहीं। हेरिटेज वॉक के दौरान राजस्थानी परिधान में सजी महिलाओं, कालबेलिया नृत्यांगनाओं और बहरूपियों ने वातावरण को जीवंत बना दिया। बहरूपिये विभिन्न वेशों—राजा-महाराजा, पुलिसकर्मी, महिला और पौराणिक पात्रों—में नजर आए, जो खासतौर पर बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल पैदल चलकर काफिले में शामिल हुए और इस दौरान आमजन से संवाद भी किया। कई लोगों ने उनसे समस्याएं साझा कीं तो कई ने उनके साथ सेल्फी ली। ऊंट उत्सव 11 जनवरी तक चलेगा, जिसमें ऊंटों को विभिन्न आकर्षक स्वरूपों में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही बीकानेर फूड फेस्टिवल, मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण और ढोला-मारू प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। उत्सव में देश-विदेश से आए पर्यटक भाग ले रहे हैं।
अमेरिका से आए पर्यटक ट्रेविस ने बताया कि ऊंट उत्सव देखकर वे काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बीकानेर शहर और यहां के पारंपरिक भोजन की सराहना की।
विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि लक्ष्मीनाथ मंदिर से ऊंट उत्सव की शुरुआत शुभ संकेत है और इससे बीकानेर में पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस उत्सव से स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर