हिमाचल के 12 शहरों का माइनस पारा, चार दिन कोहरे का अलर्ट
शिमला, 09 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ रूप धारण कर लिया है और पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक शीतलहर का व्यापक असर देखा जा रहा है। राज्य के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया ह
शिमला : मौसम


शिमला, 09 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ रूप धारण कर लिया है और पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक शीतलहर का व्यापक असर देखा जा रहा है। राज्य के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि मैदानी जिलों में भी पारा सामान्य से कई डिग्री नीचे चला गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और किसी भी स्थान पर बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है, जबकि 10 से 13 जनवरी तक चार दिन तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। आज बिलासपुर में दृश्यता 100 मीटर तक सिमटने वाला घना कोहरा और मंडी व ऊना में उथला कोहरा दर्ज किया गया है।

शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक शिमला में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री, सुंदरनगर माइनस 0.3, भुंतर माइनस 1.4, कल्पा माइनस 3.8, पालमपुर माइनस 0.5, सोलन माइनस 2.2, मनाली माइनस 1.4, कुकुमसेरी माइनस 10.6, ताबो माइनस 8.4, रिकांगपिओ माइनस 1.9, बजौरा माइनस 0.6 और सेओबाग माइनस 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों की बात करें तो हमीरपुर में न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सर्दी के मौसम में पहली बार शून्य के करीब दर्ज किया गया तापमान माना जा रहा है। बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 3.5, ऊना में 5.4, नाहन में 4.0 और पांवटा साहिब में 5.0 डिग्री दर्ज हुआ।

मौसम विभाग ने मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और बरठीं में भीषण शीतलहर जबकि बिलासपुर, पालमपुर और नेरी में शीतलहर की स्थिति दर्ज होने की पुष्टि की है। ठंड का असर सिर्फ जनजीवन तक सीमित नहीं है बल्कि ऊंचाई वाले इलाकों में पेयजल स्रोत जम गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत गहराने लगी है। कई गांवों में पाइपलाइनें जमने से लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, पिछले तीन महीनों से प्रदेश में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी न होने के कारण सूखे जैसी स्थिति बन गई है। इसका सीधा असर गेहूं, जौ, सरसों जैसी रबी फसलों और सेब समेत अन्य फलों की आगामी पैदावार पर पड़ रहा है। बागवानों और किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ठंड के बावजूद आवश्यक ‘चिलिंग ऑवर्स’ पूरी नहीं हो पा रही हैं। पर्यटन की दृष्टि से अहम हिल स्टेशन शिमला और मनाली में अभी तक सीजन की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। मौसम की बेरुखी से सैलानी मायूस हैं और होटल कारोबार पर भी असर देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा और 9 से 13 जनवरी तक देर रात और तड़के अलग-अलग स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि शीतलहर का असर शुरुआती दो दिनों तक जारी रह सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा