गैल्वानेक्स्ट–2026 कार्यक्रम के दूसरे दिन रणनीतिक मुद्दों पर हुई चर्चा
पूर्वी सिंहभूम, 09 जनवरी (हि.स.)। नेक्स्ट जेनरेशन गैल्वनाइज़्ड एवं कलर कोटेड स्टील्स विषय पर आयोजित गैल्वानेक्स्ट–2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को रणनीतिक संवाद, तकनीकी नवाचार और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को लेकर व्यापक मंथन हुआ।
गैल्वानेक्स्ट–2026


पूर्वी सिंहभूम, 09 जनवरी (हि.स.)।

नेक्स्ट जेनरेशन गैल्वनाइज़्ड एवं कलर कोटेड स्टील्स विषय पर आयोजित गैल्वानेक्स्ट–2026

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को रणनीतिक संवाद, तकनीकी नवाचार और उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को लेकर व्यापक मंथन हुआ।

होटल विवांता में आयोजित इस सम्मेलन में स्थिरता, स्मार्ट तकनीक और भविष्य उन्मुख स्टील प्रौद्योगिकी पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

कार्यक्रम की शुरुआत सस्टेनेबिलिटी, स्मार्ट टेक्नोलॉजीज़ और रणनीतिक दृष्टि विषय पर उच्चस्तरीय पैनल चर्चा से हुई, जिसका संचालन डॉ रघुवीर सिंह, मुख्य वैज्ञानिक, सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) ने किया।

पैनल में डॉ राहुल शर्मा (इंटरनेशनल जिंक एसोसिएशन), डॉ सौरभ कुंडू (टाटा स्टील लिमिटेड), फिलिप रेनस (एंड्रिट्ज़ ग्रुप), डॉ. कल्लोल मंडल (आईआईटी कानपुर) और मिशेल सियप्पा (डैनिएली) शामिल रहे।

चर्चा में दीर्घकालिक रणनीति में स्थिरता के एकीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डेटा एनालिटिक्स की भूमिका पर जोर दिया गया। पैनल सदस्यों ने सहयोग, सुदृढ़ शासन और कौशल विकास को टिकाऊ औद्योगिक प्रगति के लिए अनिवार्य बताया।

इसके बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा कीनोट व्याख्यान और तकनीकी प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें नेक्स्ट-जेनरेशन गैल्वनाइजिंग लाइन्स, उन्नत कोटिंग्स, कलर-कोटिंग तकनीक, संक्षारण तंत्र, परीक्षण मानक और उभरती बाजार पर गहन चर्चा की गई।

दूसरे दिन के पहले सत्र का समापन वैलिडिक्टरी सत्र के साथ हुआ। इसमें उत्तम सिंह, उपाध्यक्ष, टाटा स्टील कलिंगानगर मुख्य अतिथि तथा प्रवेश नारंग, चीफ सीआरएम, टाटा स्टील कलिंगानगर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इस अवसर पर उत्कृष्ट तकनीकी योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

दिन के दूसरे सत्र में प्रतिनिधियों ने टाटा स्टील की कंटीन्युअस गैल्वनाइजिंग लाइन और सीएसआईआर–एनएमएल की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया। कार्यक्रम में देश-विदेश की 70 से अधिक संस्थाओं के 300 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक