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परिजनों ने लगाया निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोपयमुनानगर, 09 जनवरी (हि.स.)। यमुनानगर में छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए डेढ़ साल के मासूम की बीती रात इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे के परिजनों ने सेक्टर-17 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर डायल-112 और सेक्टर-17 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। रूपनगर निवासी घनश्याम ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। गुरुवार दोपहर वह काम पर थे, जबकि पांच वर्षीय रुद्र और डेढ़ वर्षीय देव घर पर मां और अन्य परिजनों के साथ थे। इसी दौरान देव अपने बड़े भाई के साथ छत पर खेल रहा था। खेलते समय वह लगभग 14 फुट ऊंचाई से सिर के बल नीचे गिर गया। शोर सुनकर परिजन पहुंचे तो बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगी हुई थी। परिजन पहले उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां से हालत नाजुक बताते हुए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद देव को सेक्टर-17 स्थित जिंदल अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का दावा है कि भर्ती के समय बच्चा उनसे हल्की बातचीत कर रहा था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता नहीं समझी। उनका आरोप है कि दोपहर करीब दो बजे भर्ती कराने के बाद शाम तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और रात करीब आठ बजे वेंटिलेटर की बात कही गई, जबकि कुछ घंटे बाद बच्चे की मौत की सूचना दे दी गई। बच्चे के चाचा श्याम ने कहा कि यदि अस्पताल बच्चे का इलाज करने में सक्षम नहीं था, तो परिजनों को पहले ही स्पष्ट कर देना चाहिए था, ताकि वे उसे पीजीआई जैसे बड़े संस्थान में ले जा सकते। वहीं जिंदल अस्पताल के निदेशक डॉ. योगेश जिंदल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे की हालत शुरू से ही अत्यंत गंभीर थी। परिजनों को भर्ती के समय ही संभावित जोखिमों के बारे में बता दिया गया था और दोपहर से शाम तक कई बार स्थिति से अवगत कराया गया। उनके अनुसार, बच्चे की मौत सिर में गंभीर चोट के कारण हुई। सेक्टर-17 थाना प्रभारी प्रमोद वालिया ने बताया कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। फिलहाल स्थिति सामान्य है और परिजनों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार