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नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)।
आंगनवाड़ी सेवाओं में टेक-होम राशन (टीएचआर) की पारदर्शी डिलीवरी के लिए चेहरा पहचान प्रणाली को जल्दी ही सभी राज्यों में अनिवार्य कर दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आंगनवाड़ी सेवाओं के तहत टेक-होम राशन (टीएचआर) की सही और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यानि चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) का 91.38 प्रतिशत लाभार्थियों का ई-केवाईसी और फेस मैचिंग का काम पूरा कर लिया है। अब सिर्फ 25 लाख लाभार्थियों का ई-केवाईसी और फेस मैचिंग का काम बाकी रह गया है, जो जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
गुरुवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस प्रणाली से सभी लाभार्थियों तक राशन पहुंचने की निगरानी आसान हो गई है। यह सुविधा पोषण ट्रैकर ऐप में ही जोड़ी गई है, जिसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रोजमर्रा के कार्यों के लिए पहले से उपयोग कर रही हैं। इसके लिए किसी अलग ऐप की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि
31 दिसंबर 2025 तक टेक-होम राशन के लिए पात्र लगभग 4.73 करोड़ लाभार्थियों में से 4.51 करोड़ लाभार्थियों का ई-केवाईसी और फेस मैचिंग पूरा हो चुका है। दिसंबर 2025 में 2.79 करोड़ पात्र लाभार्थियों को एफआरएस के माध्यम से टेक-होम राशन दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से आंगनवाड़ी सेवाओं और मातृत्व योजनाओं में पारदर्शिता, भरोसा और दक्षता बढ़ी है, जिससे सही लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि 1 जुलाई 2025 से देश भर के आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 3-6 वर्ष के बच्चों को राशन और गर्म भोजन पाने के लिए चेहरा पहचान प्रणाली के माध्यम से 'फेस ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य कर दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी