पंजाब सरकार ने सदन को फिर गुमराह किया: चुग
नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने गुरुवार को पंजाब की सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल–मान सरकार ने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर करदाताओं की गाढ़ी कमाई बर
भाजपा के महासचिव तरुण चुग


नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने गुरुवार को पंजाब की सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल–मान सरकार ने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर करदाताओं की गाढ़ी कमाई बर्बाद की। यह सत्र बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नहीं बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया।

गुरुवार को मीडिया से बातचीत में तरुण चुग ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का बड़े स्तर पर ढिंढोरा पीटा था। अब स्वयं पंजाब सरकार के अंतिम नुकसान आकलन में सिमट कर यह केवल 11,855 करोड़ रुपये रह गया है। एक बार फिर केजरीवाल–भगवंत मान की जोड़ी को मोदी सरकार के खिलाफ झूठे आरोप गढ़ने की कोशिश में करारी शिकस्त मिली है।

चुग ने आरोप लगाया कि केजरीवाल–मान सरकार ने पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नहीं बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रम, अफ़वाह और गलत जानकारी फैलाने के लिए इस्तेमाल किया।

चुग ने कहा कि यह बाढ़ केवल प्राकृतिक आपदा नहीं थी बल्कि मान सरकार की घोर लापरवाही से पैदा हुई एक स्पष्ट मानव-निर्मित आपदा थी। बाढ़ से पहले तैयारी की पहली बैठक 5 जून 2025 को बुलाई गई, जब मानसून आने में मात्र 17 दिन शेष थे। 2,800 किलोमीटर लंबे धुस्सी बांध और प्रदेशभर के नालों की सफाई समय पर नहीं हुई। माधोपुर हेडवर्क्स के 28 में से 24 फाटक खराब पड़े थे और हरीके हेडवर्क्स की वर्षों से गाद सफाई नहीं हुई, जिसके चलते बड़े पैमाने पर तटबंध टूटे और सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए।

चुग ने कहा कि अवैध खनन ने नदी किनारों को कमजोर किया और रणजीत सागर डैम से देर से तथा अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से स्थिति और भयावह हो गई। तीन ज़िलों में केवल 15 मोटरबोट उपलब्ध थीं, जिससे साफ़ हो गया कि आपदा प्रबंधन पूरी तरह ध्वस्त था।उन्होंने आरोप लगाया कि

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान तमिलनाडु में फीते काटते रहे और उनके मंत्री राहत कार्य छोड़कर कैमरों की तलाश में लगे रहे। कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी ने भी पंजाब के दर्द को राजनीति और नाटक में बदल दिया।

चुग ने दावा किया कि संकट के पहले दिन से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए थे। कई केंद्रीय मंत्रियों को पंजाब भेजा गया और स्वयं प्रधानमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पंजाब के लिए 1,615 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की। इसके साथ ही राज्य आपदा मोचन निधि की दूसरी किस्त के रूप में 240.80 करोड़ रुपये भी जारी किए गए। इसके बावजूद मान सरकार ने झूठ और आरोपों का सहारा लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी