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रांची, 08 जनवरी (हि.स.)। वीर अमर शहीद टिकैत उमराव सिंह और शहीद शेख भिखारी की 168 वीं शहादत दिवस के अवसर पर स्थानीय शहीद स्मारक समिति (शहीद चौक) की ओर से गुरुवार को शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने दोनों ही शहीदों के तैल चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही शहीदों के किए आंदोलन और समाज के प्रति किए गए सकारात्मक कार्यों को याद किया गया। इस अवसर पर शहीद स्मारक समिति रांची के सचिव विमल किशोर साहू ने कहा कि हमारे राज्य में आदिवासी और मूलवासियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। यही कारण है कि आज हम एक साथ टिकैत उमराव सिंह के साथ साथ शहीद शेख भिखारी को भी याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1857 सिंह और शेख भिखारी ने अंग्रेजों के विरुद्ध आदिवासी-ग्रामीण जनता को संगठित किया। अंग्रेजी सत्ता से लड़ते हुए दोनों को गिरफ्तार किया गया और 11 अप्रैल 1858 को रांची के चुटिया में फांसी देकर शहीद किया गया। उन वीर शहिदाें की यादों में ही राजधानी में शहिद चौक बनाया गया। मौके पर समिति के सदस्यों ने शहीदों के जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रोफेसर हरविंदर वीर सिंह, विमल किशोर साहू, डॉ वंदना राय, राजेश कुमार लाल, रवि दत्त, किशन अग्रवाल, वीरेंद्र कुमार सिंह, पशुपति सिंह, सुबोध कुमार, विवेक बैठा, श्रेयाश्री, रिया कुमारी, आयुष कुमार, सोनू ठाकुर सहित अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar