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दुमका, 08 जनवरी (हि.स.)। दुमका कोर्ट के एक सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार गोराई की 53 वर्षीय पत्नी नमिता गोराई ने शरीर में केरोसिन उड़ेलकर बाथरुम में जाकर खुदकुशी कर ली। यह घटना गुरुवार को सुबह के करीब एक से तीन बजे की है। अधिवक्ता का मूल मकान दुधानी-रसिकपुर बाइपास रोड बगनोचा मुहल्ले में हुई।
घटना के वक्त घर में अधिवक्ता की बुढ़ी मां थी। जो अपने कमरे में सोयी हुई थी। अधिवक्ता रोजाना की तरह सुबह करीब 11 बजे कोर्ट चले गए थे। एक छोटा भाई भी रहते है। वे भी किसी काम के सिलसिले से बाजार की ओर गए थे। जानकारी के अनुसार अधिवक्ता के एक पुत्र है। जो बनारस में एमटेक की पढ़ाई पूरी कर रहा है। अधिवक्ता तीन भाईयों में मंझले है। बड़े भाई होमियोपैथिक चिकित्सक है। वे काठीकुंड में प्रैक्टिस करते है और काठीकुंड में ही अपने परिवार वालों के साथ रहते है।
अधिवक्ता की पत्नी को स्किन की समस्या थी। महिला नमिता गोराई का इलाज दुमका और आसनसोल से किया गया था। लेकिन पर वह ठीक नहीं हो पाई थी। अंत में अधिवक्ता अपनी पत्नी का इलाज दिल्ली के एम्स से करवा रहे थे। एक सप्ताह के बाद दिल्ली एम्स जाने वाले थे। इसी बीच उनकी पत्नी केरोसिन अपने शरीर में उड़ेलकर जान दे दी। अधिवक्ता का कहना है कि परिवार में किसी से कोई विवाद नहीं था।
घर से निकलने से पहले पत्नी ने नाश्ता बनाकर उन्हें खाने के लिए भी दी। दोपहर करीब ढाई बजे जब छोटे भाई घर आए तो पता चला कि भाभी बाथरुम गई हुई है, जो काफी देर से निकली नहीं है। उन्हें संदेह हुआ। बाहर जलने की बदबू भी आ रही थी। बाथरुम के दरवाजे को तोड़ा तो देखा कि भाभी पूरी तरह से जली हुई है। उनकी मौत भी हो चुकी है। यह देख भाई स्तब्ध रह गए और शोर मचाकर लोगों को बुलाया। आसपास के लोग तुरंत अधिवक्ता के घर आए। भाई ने अपने बड़े भाई को तुरंत फोन किया, पर काफी देर तक संजीव गोराई ने फोन रीसिव नहीं किया। अधिवक्ता काम में व्यस्त थे। इस वजह से भाई का फोन रीसिव नहीं कर पाए थे। वे काफी देर के बाद फोन रीसिव किए। फोन में भाई ने कुछ नहीं बताया कहा कि जल्द से जल्द घर आ जाए। वे दौड़े भागे घर आए तो देखा कि उनकी पत्नी मृत पड़ी हुई है। यह देखकर वे नरभस हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत नगर थाना की पुलिस को सूचित किया। नगर थाना प्रभारी जगनाथ धान अधिवक्ता के घर पहुंचे और जांच पड़ताल करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका पीजेएमसीएच भेज दिया। शाम होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ अधिवक्ता के घर पर जुट गई थी। पुलिस शुक्रवार को ही अधिवक्ता का बयान लेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार