वीबी-जी रामजी योजना से गांव बनेंगे समृद्ध, रोजगार और अधोसंरचना को मिलेगा नया विस्तार
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने पत्रकार वार्ता में बताई योजना की विशेषताएं भोपाल, 07 जनवरी (हि.स.)। “वीबी-जी रामजी योजना रोजगार देने के साथ गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने का राष्ट्रीय मिशन है, जो
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव 2


भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने पत्रकार वार्ता में बताई योजना की विशेषताएं

भोपाल, 07 जनवरी (हि.स.)। “वीबी-जी रामजी योजना रोजगार देने के साथ गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने का राष्ट्रीय मिशन है, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारेगा।” यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहे। पत्रकारवार्ता में वीबी-जी रामजी योजना के उद्देश्यों, प्रावधानों और दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम वीबी-जी रामजी योजना है। आज भारत की विकास यात्रा को पूरी दुनिया देख रही है और इस योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है, जबकि पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत केवल 100 दिन का रोजगार उपलब्ध था। यह बढ़ा हुआ रोजगार ग्रामीण जीवन में आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता लाएगा तथा पलायन को रोकने में भी सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में योजना का बजट 35 हजार करोड़ रुपये था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाकर पहले 74 हजार करोड़ और अब सुधारों के साथ 95 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचारों को व्यवहारिक रूप दे रहे हैं।

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। इस दौरान कृषि को उद्योग और रोजगार से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से कृषि आधारित उद्योगों जैसे खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और जैविक कृषि को बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार 15 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना बनाकर खेती को रोजगार और उद्योग का मजबूत आधार बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना में अधोसंरचना और आजीविका दोनों पर समान रूप से जोर दिया गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, ग्रामीण पार्किंग, सौर और नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, जैविक खाद इकाइयां, बाढ़ आश्रय स्थल, आपदा में क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत और जल जीवन मिशन से जुड़े कार्य भी किए जा सकेंगे। पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, नर्सरी निर्माण और भवन निर्माण सामग्री उत्पादन इकाइयों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।

योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जियो टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग, सूचना प्रबंधन प्रणाली और डिजिटल व बायोमेट्रिक भुगतान व्यवस्था लागू की गई है। ग्राम सभाओं के माध्यम से सोशल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। पंचायतीराज संस्थाओं को योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। ग्राम पंचायतों को कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन का अधिकार दिया गया है, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीबी-जी रामजी योजना में रोजगार को कानूनी अधिकार बनाया गया है। यदि किसी पात्र परिवार को निर्धारित समय सीमा में रोजगार नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान है। महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार और छोटे व सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। महिला स्व सहायता समूहों के लिए प्रशिक्षण, कौशल विकास केंद्र, वर्क शेड और ग्रामीण हाट अवसंरचना के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना गांवों में विकास की नई क्रांति लाने वाली है। इससे अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस योजना को लेकर भ्रम फैलाकर ग्रामीणों को गुमराह कर रही है, जबकि यह योजना गरीबों, मजदूरों और किसानों के हित में है। नई योजना में पंचायतों को परिवार पंजीयन और रोजगार गारंटी का अधिकार दिया गया है और पंचायत व राज्य सरकार अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कार्य तय कर सकेंगी।

हेमंत खण्डेलवाल का कहना था कि फसलों की बुवाई और कटाई के समय योजना को समायोजित कर खेतों में श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे मजदूरों को 125 दिन के साथ अतिरिक्त कृषि रोजगार मिलेगा और किसानों को श्रमिक संकट से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से गांवों में ही रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। वीबी-जी रामजी योजना किसान, मजदूर और गांव तीनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

इस पत्रकार वार्ता में प्रदेश शासन के मंत्री प्रहलाद पटेल, विश्वास सारंग, एंदल सिंह कंषाना, लखन पटेल, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी