हिंदुओं की सुरक्षा एवं संपन्नता पर होना चाहिए चिंतन-मंथन : डा मोहन भागवत
हमें चिंता करनी होगी कि हिंदू संपन्न कैसे बने : डा भागवत
संघ प्रमुख डा माेहन भागवत


अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक में चल रहा है हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर गहन मंथन

मथुरा, 06 जनवरी (हि.स.)। वृंदावन केशवधाम में संघ प्रमुख की अध्यक्षता में अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों और पड़ोसी देशों में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर आरएसएस व्यथित और चितंन में है। मंगलवार को आयोजित बैठक में भी यही मुद्दा छाया रहा। संघ प्रमुख डा मोहन भावगत ने कहा हिंदू राष्ट्र संपन्न और वैभवशाली तभी बनेगा, जब हिंदू सुरक्षित, संगठित और शिक्षित होंगे। मैं तुम्हारा हूं, तुम्हारे लिए हूं, तुम मेरे अपने हो, हिंदू समाज में ऐसा भाव जगाना होगा। हम अपने इस सपने को हिंदुओं में जगाने तक चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारा व्यवहारिक अभियान बने, यही हमारा प्रयास है।

संघ प्रमुख सात दिवसीय प्रवास पर वृंदावन के केशवधाम में हैं। रविवार को परिचय बैठक के बाद संघ प्रमुख ने सोमवार और मंगलवार को अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में शीर्ष पदाधिकारियों के बीच हिंदू हितों पर फिर बोले। कहा कि हिंदुओं को नफरती तपिश से बचाना है। शीर्ष पदाधिकारियों से कहा कि संगठन के जरिए जागे हुए हिंदुओं को समझाएं और जाे समझ गए हैं, उन्हें सक्रिय करने की जरूरत है। हमें चिंता करनी होगी कि हिंदू संपन्न कैसे बने। हर हिंदू अपने हिंदू भाई की सुरक्षा के लिए तत्पर कैसे बनें, इस पर भी मंथन करने की जरूरत है।

संघ प्रमुख ने कहा कि चिंतन मंथन से ही पथ मिलता है। इसलिए इस विषय पर गहन चिंतन और मंथन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने पंच परिवर्तन पर भी विस्तार से चर्चा की। पंच परिवर्तन में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य को भी जन-जन , गांव-गांव में ले जाने पर चर्चा हुई। कहा कि पंच परिवर्तन से समाज में भी बदलाव दिखेगा, इससे हर व्यक्ति को जोड़ना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार