प्रधानमंत्री के इस्तीफा मांगने के बावजूद ऊर्जा मंत्री कुलमान घिसिंग का इनकार
काठमांडू, 06 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के द्वारा चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले और राजनीतिक दल से आबद्ध मंत्रियों से इस्तीफा मांगने के बावजूद ऊर्जा मंत्री कुलमान घीसिंग ने तत्काल इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। ऊर्जा मंत्री कुलम
नेपाल के ऊर्जा मंत्री कुलमान घीसिंग


काठमांडू, 06 जनवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के द्वारा चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले और राजनीतिक दल से आबद्ध मंत्रियों से इस्तीफा मांगने के बावजूद ऊर्जा मंत्री कुलमान घीसिंग ने तत्काल इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।

ऊर्जा मंत्री कुलमान घिसिंग ने कहा है कि वह सरकार से फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल से औपचारिक रूप से जुड़े नहीं हैं और उचित समय आने पर पद छोड़ेंगे।

मंगलवार को काठमांडू में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घिसिंग ने कहा कि आज की तारीख तक वे किसी भी राजनीतिक पार्टी के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने दोहराते हुए कहा कि उनके पास अपने मंत्री पद से हटने का कोई इरादा नहीं है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली नागरिक सरकार के गठन के दौरान उन्होंने राजनीतिक भूमिका निभाई थी, इसके बावजूद वे सरकार में क्यों बने हुए हैं?

संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए घिसिंग ने कहा, “आज इस मंच पर खड़े रहने तक, इस तारीख को मैं किसी भी पार्टी का सदस्य नहीं हूं।”

हालांकि इससे पहले घिसिंग ने ‘उज्यालो नेपाल’ पार्टी के पंजीकरण में अहम भूमिका निभाई थी। वो इस पार्टी के संरक्षक की भूमिका में है। और उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर पार्टी संगठन के विस्तार के लिए भी काम किया है। बाद में ‘उज्यालो नेपाल’ का रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) में विलय हो गया।

विलय के बाद घिसिंग आरएसपी में उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे अध्यक्ष लामिछाने के बाद वरिष्ठता में दूसरे स्थान पर बताए जाते हैं। उन्होंने अपनी पसंद के 18 लोगों को समानुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में शामिल कराने की भी सूचना है।

इतनी राजनीतिक सक्रियता के बावजूद घिसिंग लगातार यह कहते रहे हैं कि वे किसी भी पार्टी से संबद्ध नहीं हैं। उनका यह बयान मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद बैठक के बाद आया है, जिसमें कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सक्रिय रूप से पार्टी राजनीति में लगे मंत्रियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था।

प्रधानमंत्री के निर्देश को नजरअंदाज करते हुए घिसिंग ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया और दोहराया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है।

इधर, युवा एवं खेल मंत्री बबलू गुप्ता के भी आरएसपी में सक्रिय होने की खबर है, जबकि संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल लालितपुर से आरएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

कई मंत्रियों के सक्रिय रूप से पार्टी राजनीति में उतरने के बीच नागरिक सरकार से उन्हें हटाने को लेकर प्रधानमंत्री सुशीला कार्की पर नैतिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास