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श्रीनगर, 06 जनवरी(हि.स.)। कैबिनेट मंत्री जाविद राणा ने मंगलवार को कहा कि वह दिन दूर नहीं जब लद्दाख फिर से जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बन जाएगा उन्होंने जोर देकर कहा कि एकीकृत जम्मू-कश्मीर अपरिहार्य है।
पत्रकारों से बात करते हुए राणा ने कहा कि भारत सरकार के पास अंततः एकीकृत जम्मू-कश्मीर को बहाल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने भाजपा विधायक के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जम्मू को एक अलग राज्य बनाया जा सकता है और उन्होंने ऐसे दावों को काल्पनिक और भ्रामक बताया।
राणा ने कहा कि पीर पंजाल या चिनाब क्षेत्र से अलग जम्मू राज्य की ऐसी कोई मांग नहीं उठी है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के लोग एकीकृत जम्मू-कश्मीर के साथ अपनी पहचान बनाए हुए हैं और उन्होंने विभाजन की कोई मांग नहीं उठाई है।
ऐतिहासिक संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि जम्मू और कश्मीर कभी एक पूर्ण राज्य था जिसके कुछ हिस्सों पर बाद में पाकिस्तान और चीन ने कब्जा कर लिया जबकि लद्दाख बाद में अलग हो गया। उन्होंने विश्वास जताया कि राजनीतिक स्थिति बदलेगी और लद्दाख एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि इतिहास और जमीनी हकीकत को स्थायी रूप से नहीं बदला जा सकता है और इस बात पर जोर दिया कि लोगों के बीच एकता की आकांक्षा अंततः प्रबल होगी
हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता