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नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स)। देश की अर्थव्यस्था में तेजी रहने का अनुमान है। रेटिंग देने वाली एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
रेटिंग एजेंसी ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा आयकर में कटौती जैसे प्रमुख सुधार और व्यापार समझौते, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के रूप में काम करेंगे। साथ ही अर्थव्यवस्था को वैश्विक उथल-पुथल से बचाएंगे। साख निर्धारित करने वाली एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा कि अर्थव्यवस्था में अगले वित्त वर्ष 2026-27 में भी उच्च वृद्धि दर और कम महंगाई दर (औसतन 3.8 फीसदी खुदरा महंगाई) की स्थिति बनी रहेगी। पंत ने कहा कम शुल्क वाले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के आंकड़ों में और इजाफा होगा।
रेटिंग एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित जीडीपी वृद्धि दर 7.4 फीसदी और बाजार मूल्य पर जीडीपी नौ फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इंडिया रेटिंग्स को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय रुपया औसतन 92.26 प्रति डॉलर रहेगा, जो मौजूदा वित्त वर्ष में 88.64 प्रति डॉलर से अधिक है। एजेंसी ने कहा कि सरकार के विशेष रूप से न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) विदेशी निवेश को बढ़ावा देंगे और अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करके चालू खाता घाटा (सीए) को कम रखने में मदद करेंगे। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाना एवं विकसित भारत-राम-जी अधिनियम के तहत आवंटन 1 फरवरी को निर्धारित 2026-27 के केंद्रीय बजट में अपेक्षित प्रमुख घोषणाएं होंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर