आईबीबीआई अध्यक्ष रवि मित्तल ने आईआईसीए पीजीआईपी प्रोग्राम की वेबसाइट लॉन्‍च की
नई दिल्‍ली, 06 जनवरी (हि.स)। भारतीय दिवालियापन एवं दिवालिया बोर्ड (आईबीबीआई) के अध्यक्ष रवि मित्तल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) के पीजीआईपी कार्यक्रम की वेबसाइट लॉन्‍च की। उन्‍होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स(
आईआईसीए के पीजीआईपी कार्यक्रम का वेबसाइट लॉन्‍च करते आईबीबीआई अध्यक्ष रवि मित्तल और अन्‍य


आईआईसीए के पीजीआईपी कार्यक्रम का वेबसाइट लॉन्‍च करते आईबीबीआई अध्यक्ष रवि मित्तल और अन्‍य


नई दिल्‍ली, 06 जनवरी (हि.स)। भारतीय दिवालियापन एवं दिवालिया बोर्ड (आईबीबीआई) के अध्यक्ष रवि मित्तल ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) के पीजीआईपी कार्यक्रम की वेबसाइट लॉन्‍च की। उन्‍होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स(आईआईसीए) के पीजीआईपी कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया।

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि आईबीबीआई अध्यक्ष ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें मजबूत संस्थागत समर्थन का आश्वासन दिया और घोषणा की कि कुछ चयनित पीजीआईपी छात्रों के लिए आईबीबीआई में एक वर्ष की इंटर्नशिप के अवसर सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शोध कार्यकलापों में रुचि रखने वाले छात्र आगामी आईबीबीआई शोध कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं और चयन होने पर उन्हें आईबीबीआई के छात्रों की सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

वेबसाइट लॉन्च कार्यक्रम में स्वागत भाषण आईआईसीए के महानिदेशक और सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने दिया, जिन्होंने क्षमता निर्माण, अकादमिक उत्कृष्टता और नियामकों तथा उद्योग के साथ घनिष्ठ जुड़ाव के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता रेखांकित की। इस कार्यक्रम के दौरान, आईआईसीए के दिवालियापन और दिवालिया केंद्र के विभागाध्यक्ष सुधाकर शुक्ला ने पीजीआईपी केंद्र की गतिविधियों और उपलब्धियों का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया, जिसमें इसकी अकादमिक कठोरता, उद्योग के साथ संबंध और पूर्व छात्र के बढ़ते नेटवर्क की रूपरेखा शामिल थी।

मंत्रालय ने कहा क‍ि यह वेबसाइट पीजीआईपी के पूर्व छात्रों को वर्तमान छात्रों से जोड़ने के लिए बनाया गया एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह पूर्व छात्रों की सहभागिता के माध्यम से छात्रों के लिए निरंतर संवाद, ज्ञान साझाकरण, समस्या-समाधान और उद्योग जगत के साथ बेहतर संपर्क में सक्षम बनाएगा। वहीं, छात्रों ने एक संवादमूलक सत्र के दौरान आईआईसीए के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। इस दौरान सम्मेलनों, सेमिनारों में भाग लेने और उद्योग विशेषज्ञों के साथ सार्थक बातचीत के अवसरों का उल्लेख किया गया, जिसने उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा को अत्यधिक समृद्ध किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर