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नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स)। देश के सबसे बड़े एवं एक स्वतंत्र और गैर-राजनीतिक केंद्रीय श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से नई दिल्ली में भेंट कर श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर एक ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के जनरल सेक्रेटरी रविंद्र हिमते के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने मनसुख मंडाविया के साथ बैठक के बाद बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात करेंगे। हिमते ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने बीएमएस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री को सौंपे ज्ञापन में बीएमएस ने प्रमुख मांगें रखीं
ईपीएफ और ईएसआई की वेतन-सीमा में वृद्धि, न्यूनतम पेंशन राशि को 1000 रुपये से पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए। भारतीय श्रम सम्मेलन को शीघ्र आयोजित किया जाए। बोनस गणना की सीमा में वृद्धि। ग्रेच्युटी पात्रता को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया जाए, सभी स्कीम वर्कर्स के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि में वृद्धि।
बीएमएस ने केंद्र सरकार से ये भी मांग की कि संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 की धारा 25(2)(5)(A) का सख्ती से पालन कराया जाए, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि-“संविदा श्रमिक को उसी प्रतिष्ठान में नियोजित स्थायी कर्मचारी के समान और समान प्रकृति का वेतन दिया जाना चाहिए।”
भारतीय मजदूर संघ ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों एवं एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की, जो श्रमिकों का शोषण और उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने देशभर में निजी परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के चालकों के लिए एक कल्याण क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में आईपीओ के विषय में अविलंब समाधान कर बोर्ड स्थापित करने की मांग भी रखी।
वहीं, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने जारी एक बयान में कहा, भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला और उन्होंने अपने संगठन की ओर से कई सुझाव और मांगें रखीं। उन्होंने ईपीएफ-95 के तहत मजदूरों और पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का मुद्दा उठाया और एक राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया...।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर