महासमुंद : एसआईआर के अंतर्गत 14 फरवरी तक होगी सुनवाई एवं दस्तावेजों का सत्यापन
सरायपाली में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह शामिल हुए सुनवाई में
महासमुंद : एसआईआर के अंतर्गत 14 फरवरी तक होगी सुनवाई एवं दस्तावेजों का सत्यापन


महासमुंद , 05 जनवरी (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 की प्रक्रिया निरंतर जारी है। राज्य की प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को कर दिया गया है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में समय सारणी अनुरूप एसआईआर का कार्य संचालित किया जा रहा है।

आज साेमवार काे उन्होंने विकासखण्ड सरायपाली में प्राप्त दावा आपत्तियों की सुनवाई की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं एसडीएम अनुपमा आनंद, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार कृष्णधर पंडा मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के पश्चात दावा एवं आपत्ति की अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि में ऐसे मतदाता, जिनका एसआईआर की गणना चरण के दौरान प्राप्त गणना पत्र में वर्ष 2003 की एसआईआर मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है (अनमैप्ड) अथवा अंतर पाया गया है, उनके संबंध में संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ( ईआरओ) द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस प्राप्त होने पर संबंधित मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ/ एईआरओ के समक्ष भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य निर्धारित 13 दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। नियमानुसार सुनवाई तथा प्रस्तुत दस्तावेज का परीक्षण कर ईआरओ द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या ना जोड़ने का निर्णय लिया जाएगा।

महासमुंद जिले में नोमैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या 23 हजार है, जिसमें से ईआरओ/एईआरओ द्वारा 05 जनवरी 2026 तक जिले में कुल 22 हजार 986 मतदाताओं के लिए नोटिस जनरेट किए जा चुके हैं। नोटिस जारी होने वाले सभी मतदाताओं को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अनिवार्य रूप से सुनवाई हेतु उपस्थित होना होगा।

इसी क्रम में इस अवधि में ऐसे मतदाता जिन्होंने अपना गणना पत्र नहीं भरा था या किसी अन्य कारणों से उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं आ पाया हो, वे अपना नाम जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज संलग्न करते हुए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र 6 में अपना आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। साथ ही मतदाता सूची में दर्ज अपने विवरण में किसी भी प्रकार के संशोधन के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र 8 में आवेदन कर सकते हैं। प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किसी नाम के सम्बंध में आपत्ति प्रस्तुत करने या नाम विलोपन हेतु घोषणा पत्र सहित प्रपत्र 7 में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

सभी प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ/एईआरओ द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 14 फरवरी 2026 तक सुनवाई एवं आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सुनवाई एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए दावों एवं आपत्तियों का विधिवत निर्णयन करते हुए 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल