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अनूपपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में वर्ष 2025 सिर्फ बीते दिनों का हिसाब नहीं था, बल्कि यह साल अपराध, त्रासदी, राजनीतिक विवाद और सिस्टम की विफलता का ऐसा दस्तावेज बन गया, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा। हर महीना किसी न किसी सनसनी के नाम दर्ज हुआ। कहीं मासूम की चीखें थीं, कहीं सड़क पर बिखरी लाशें, तो कहीं सत्ता के गलियारों में उठते विवादों की गूंज। यह वर्ष का अंत 2025 उन घटनाओं की कहानी है, जिन्होंने अनूपपुर को अंदर तक झकझोर दिया।
न्याय के घर पर हमला, कानून व्यवस्था पर सीधी चोट
अनूपपुर की कानून व्यवस्था की स्थिति उस वक्त कटघरे में आ गई, जब भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में न्यायिक मजिस्ट्रेट के शासकीय आवास पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह अपने परिवार के साथ रात में सो रहे थे, तभी कुछ लोग घर के बाहर आकर गालियां देने लगे। आरोपियों ने धमकी दी। कहां “कैसे मजिस्ट्रेटी करते हो, देख लेंगे”। इसके बाद पथराव हुआ, गेट और लाइटें तोड़ी गईं। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं थी, बल्कि न्यायिक स्वतंत्रता और कानून का शासन के लिए खतरे की घंटी थी।
अनूपपुर में प्रेमिका को लेकर डबल मर्डर
अनूपपुर जिले में एक प्रेमिका को लेकर दो प्रेमियों के बीच पनपी दुश्मनी आखिरकार खूनी खेल में बदल गई। महिला उत्पीड़न से जुड़ा एक विवाद मार्च में दोहरे हत्याकांड का मामला में बदल गया। मामूली कहासुनी और सामाजिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया और दो लोगों की हत्या कर दी गई। अनूपपुर निवासी युवक ने साजिश के तहत बेमेतरा के युवक को अपने एक दोस्त के साथ ट्रेन से अनूपपुर बुलाया, वहां से दोनों को सुनसान जंगल ले जाकर बेमेतरा से आए युवक की बेरहमी से हत्या कर दी, जब दोस्त ने विरोध किया तो उसे भी गंभीर रूप से घायल कर दिया, बाद में इलाज कराने के बहाने दूसरी जगह ले जाकर उसकी भी हत्या कर दी गई।
बस और ऑटो की टक्कर, गरीबों की सवारी बनी मौत का वाहन
अप्रैल में अनूपपुर की सड़कों पर सड़क दुर्घटना ने कहर बरपाया। ग्रामीणों से भरे ऑटो और तेज रफ्तार बस की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन लापरवाही और कमजोर यातायात व्यवस्था का परिणाम था। घायल घंटों तक इलाज के लिए भटकते रहे। हर मौत के पीछे एक परिवार उजड़ गया।
जुलाई: उफनते नाले में बह गया पूरा परिवार
जुलाई में अनूपपुर-अमरकंटक मार्ग पर सजहा नाले ने चार जिंदगियां निगल लीं। जिसमें एसईसीएल कर्मी चंद्रशेखर यादव के साथ पत्नी और दो बच्चों के साथ कार से नाला पार कर रहे थे, तभी तेज बहाव में कार बह गई। पति-पत्नी और दो मासूम बच्चों की मौत ने आपदा प्रबंधन विफलता को उजागर कर दिया। चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग सब नदारद थे। यह हादसा सिस्टम की लापरवाही का सबसे दर्दनाक उदाहरण बन गया।
अनूपपुर में एक हादसा, पांच लाशें
अनूपपुर जिले के रामनगर थाना अंतर्गत भीषण सड़क दुघर्टना में तेज रफ्तार स्कार्पियो ने सामने से आ रहे दो पहिया वाहन को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर से दो पहिया वाहन चालक सहित कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई। पांच गंभीर रूप से घायल हुए। हादसा इतना जबरजस्त था कि बाइक चालक का चेहरा पहचानना मुश्किल हो गया। इसके बाद अनियंत्रित होकर स्कॉर्पियो पलटते हुए एक निर्माणाधीन मकान से जा टकराई। कार में 9 लोग सवार थे, जिसमे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल थे।
राजनीति में भाषा की मर्यादा टूटी
वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल गुप्ता की टिप्पणी ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया। महिला मोर्चा की पदाधिकारी पर की गई टिप्पणी का वीडियो वायरल हुआ और मामला राजनीतिक विवाद बन गया।
बेटे ने पिता की हत्या की सुपारी दी
साल की सबसे खौफनाक वारदात लखनपुर गांव में 18 वर्षीय बेटे ने अनुबंध हत्या के जरिए अपने ही पिता, सौतेली मां और नौकरानी को मरवा दिया। जिसका तिहरा हत्या कांड का वीडियो सामने आया है, जिसमें सौतेला बेटा और 4 अन्य सहयोगी मर्डर प्लान करते नजर आ रहे हैं। सौतेला बेटा कह रहा है कि तुरंत काटकर पांचों लोग भाग जाएंगे। इनमें एक किलर छत्तीसगढ़ का रहने वाला भी है। सौतेले बेटे ने अपने मां-बाप को मारने के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी। इस हत्याकांड में 5 लोग शामिल थे। इनमें मास्टरमाइंड का नाम आलोक पटेल, कुल्हाड़ी से काटने वाले का देवेंद्र सोनवानी और सक्षम केशरवानी है। सक्षम कोरिया जिले का रहने वाला है। वहीं 2 नाबालिग मर्डर करते वक्त साथ में थे। इस घटना में राजेंद्र पटेल पत्नी रूपा पटेल और उनकी नौकरानी सीमा बैगा की मौत हो गई। रूपा पटेल की जबलपुर में इलाज के पांचवें दिन मौत हुई। आरोपी सौतेले बेटे ने प्रॉपर्टी और अपने जन्मदिन पर थप्पड़ मारने के बदले में सुपारी देकर हत्या कराई है।
1 करोड़ 80 लाख का गांजा जब्त
अनूपपुर में जबलपुर एसटीएफ की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास उड़ीसा से गांजा तस्करी कर रहे एक ट्रक को जप्त कर 599 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक को भी जप्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला