आदिवासी समाज और सरना परंपरा ही सनातन संस्कृति का मूल आधार : जेपी पांडेय
रांची, 31 जनवरी (हि.स.)। आदिवासी समाज और उसकी सरना परंपरा ही सनातन संस्कृति के मूलाधार स्तंभ हैं। आदिवासी संस्कृति को समझे बिना सनातन संस्कृति को समझना संभव नहीं है, क्योंकि जनजातीय समाज के जीवन-मूल्य, प्राकृतिक चिंतन और सामाजिक समरसता में ही सनातन
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