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कुरुक्षेत्र, 31 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में पारंपरिक खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य स्तरीय आवासीय खो-खो अकादमी और अंडर-16 खो-खो लीग की स्थापना के लिए हर संभव सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया है। यह घोषणा उन्होंने शनिवार को कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में आयोजित 35वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय खो-खो चैंपियनशिप (बालक एवं बालिका) 2025-26 के उद्घाटन अवसर पर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हरियाणा को एक बार फिर इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खो-खो को भारतीय संस्कृति से जुड़ा खेल बताते हुए कहा कि यह केवल खेल नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी की पहचान है। पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन देना और उन्हें वैश्विक मंच पर स्थापित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को खेलों की वैश्विक शक्ति बनाना है और हरियाणा इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आयोजन के सफल संचालन के लिए हरियाणा स्पोर्ट्स खो-खो एसोसिएशन को 21 लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की।
खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में खो-खो को कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में शामिल किया जाएगा, जबकि 2032 ओलंपिक में इसे डेमो खेल के रूप में देखा जा सकता है।
इस चैंपियनशिप में देशभर से 70 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें करीब 1,100 खिलाड़ी शामिल हैं। प्रतियोगिता का समापन 4 फरवरी को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों के साथ होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय