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चित्तौड़गढ़, 23 जनवरी (हि.स.)। जिले के मंडफिया न्यायालय परिसर के बाहर मार्च 2021 में अधिवक्ता एवं बार संघ अध्यक्ष उमेश आगर पर प्राण घातक हमले के मामले में दर्ज प्रकरण पर न्यायालय ने निर्णय सुनाते हुए एफआईआर में नामजद षड़यंत्रकर्ता बानसेन सरपंच (प्रशासक) कन्हैयादास वैष्णव को आरोपी बनाया है। इस मामले में मंडफिया थाने के बाद चित्तौड़गढ़ उपअधीक्षक लाभूराम विश्नोई द्वारा जांच कर राजनीतिक संरक्षण के चलते षड़यंत्रकर्ता कन्हैया दास वैष्णव का नाम हटा दिया था और तीन लोगों के विरूद्ध चालान पेश कर दिया था। अब न्यायालय ने सरपंच को आरोपी मानते हुवे कोर्ट में तलब किया है।
इस मामले में परिवादी एवं अधिवक्ता एवं परिवादी उमेश आगर ने बताया कि उसने अपने अधिवक्ता मदन खटीक के माध्यम से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर न्यायिक मजिस्ट्रेट मंडफिया से निवेदन किया था। इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास अगरावत ने निर्णय दिया है। इसमें बानसेन ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच एवं वर्तमान प्रशासक कन्हैयालाल वैष्णव उर्फ कानजी पुत्र मांगीदास वैष्णव के विरूद्ध अपराध धारा 323, 341, 325 व 120बी भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत संज्ञान लिया है। षड़यत्रकर्ता कन्हैयादास वैष्णव को सम्मन के जरिये न्यायालय में तलब होने के आदेश दिये है।
26 मार्च 2021 को अधिवक्ता उमेश आगर ने मंडफिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वे न्यायालय से अपना दैनिक न्यायिक कार्य कर 3 बजे बाइक से अपने घर बानसेन की जा रहे थे। तभी भादसोड़ा की तरफ कोर्ट से थोड़ी ही दूर पहले से घात लगा कर बैठे पांच लोगों में से एक ने ईंट से छाती पर वार किया और पांचों व्यक्तियों ने बेसबॉल स्टिक, लोहे के सरियों और हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरोपियों ने उसके हाथ, दोनों कंधों और रीड की हड्डी पर गंभीर प्रहार किये। राहगीरों ने बीच-बचाव किया तभी वे सब बुलेट सहित अन्य दो बाइकों पर सवार होकर भाग गए। इस दाैरान उन्होंने 15 ग्राम सोने की वजनी चेन, 5 हजार रुपए नकद लूट लिए। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन सरपंच कन्हैयादास वैष्णव सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दी थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल