राजगढ़ःपटवारियों ने कलेक्टर के निर्णयों के खिलाफ किया प्रदर्शन
निर्णयों के खिलाफ किया प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन
कलेक्टर के निर्णयों के खिलाफ किया प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन


राजगढ़,23 जनवरी (हि.स.)। मप्र के राजगढ़ जिले के पचोर में शुक्रवार को पटवारियों ने कलेक्टर द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णयों के विरोध में संगठित होकर प्रदर्शन किया। पटवारियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बिना सुनवाई के निलंबन, वेतन कटौती के आदेश तथा सार्थक एप्प के माध्यम से जीपीएस लोकेशन ट्रेकिंग को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।

ज्ञापन में पटवारियों ने आरोप लगाया कि जिले के कई पटवारियों को बिना किसी ठोस कारण बताए और बिना अपना पक्ष रखने का अवसर दिए निलंबित कर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पूर्णतः विपरीत है। निलंबित किए गए पटवारियों में जीरापुर के ज्ञानसिंह अहिरवार, नरसिंहगढ़ के प्रमोद तिवारी, सुठालिया के कैलाश भिलाला, खिलचीपुर के देवेन्द्र मीणा तथा सुठालिया की श्रंखला परिहार के नाम शामिल हैं। पटवारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा इस प्रकार की एकतरफा कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है।

इसके साथ ही पचोर तहसील के पटवारी गोवर्धनप्रसाद नागर एवं ज्योति पांडे के वेतन काटने के आदेशों को भी पटवारियों ने अन्यायपूर्ण बताया। उनका कहना है कि किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती करने से पहले कारण बताओ नोटिस देना और सुनवाई का अवसर प्रदान करना अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं किया गया। पटवारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का अधिकार भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक एवं न्यायिक अधिकार है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।

ज्ञापन में पटवारियों ने अपनी लंबित मांगों की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने सिंचाई संगणना वर्ष 2015-16 तथा कृषि संगणना वर्ष 2010-11 एवं 2015-16 के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करने की मांग की। पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित भुगतान के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

तकनीकी समस्याओं का उल्लेख करते हुए पटवारियों ने बताया कि वर्तमान में लागू वेब जीआईएस 2.0 प्रणाली में ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड में भारी अशुद्धियां सामने आ रही हैं। इन त्रुटियों के कारण पटवारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जबकि यह समस्या तकनीकी खामियों के कारण उत्पन्न हो रही है, न कि कर्मचारियों की लापरवाही से।

पटवारियों ने सार्थक एप्प के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने और जीपीएस लोकेशन ट्रेकिंग पर भी कड़ा विरोध जताया। उनका तर्क है कि वे कार्यालयीन कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि मैदानी स्तर पर कार्य करते हैं। ऐसे में निरंतर लोकेशन ट्रेकिंग से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और गोपनीयता को खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने इसे अव्यावहारिक और कर्मचारी अधिकारों के विरुद्ध बताया।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रयागसिंह भिलाला, आनंद सेन, हेमंत शर्मा, रवि तिवारी, आयुषी दुबे, सरिता पाटीदार, कविता नागर सहित बड़ी संख्या में पटवारी उपस्थित रहे। पटवारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक